लखनऊ में कैंसर पीड़ित बुजुर्ग से जालसाजों ने ठगे 1.29 करोड़ रुपये
लखनऊ में कैंसर पीड़ित बुजुर्ग को 15 दिनों तक रखा 'डिजिटल अरेस्ट', ATS और CBI अफसर बनकर जालसाजों ने ठगे 1.29 करोड़
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में एक 76 वर्षीय कैंसर पीड़ित दिलीप नारायण पांडेय को साइबर जालसाजों ने एटीएस और सीबीआई अधिकारियों का बताकर 15 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा। उन्होंने आतंकवादी फंडिंग के झूठे आरोप लगाकर बुजुर्ग से 1.29 करोड़ रुपये ठग लिए।
- 01साइबर जालसाजों ने 76 वर्षीय बुजुर्ग से 1.29 करोड़ रुपये ठगे।
- 02जालसाजों ने खुद को एटीएस और सीबीआई अधिकारी बताकर डराया।
- 03बुजुर्ग को 15 दिनों तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखा गया।
- 04पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
- 05जांच के लिए आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 76 वर्षीय कैंसर पीड़ित दिलीप नारायण पांडेय और उनकी पत्नी को साइबर जालसाजों ने एटीएस और सीबीआई अधिकारियों का बताकर ठग लिया। 27 मार्च को एक कॉल के माध्यम से जालसाजों ने बताया कि आतंकवादियों ने उनके आधार कार्ड का उपयोग किया है। इसके बाद, उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए एटीएस अधिकारी की वर्दी में किसी को दिखाया और डराने-धमकाने का काम किया। जालसाजों ने 10 अलग-अलग नंबरों से कॉल कर बुजुर्ग को डराया और सुप्रीम कोर्ट का लोगो लगा एक पत्र भी भेजा। इस प्रक्रिया में, उन्होंने 27 मार्च से 10 अप्रैल तक बुजुर्ग को डिजिटल अरेस्ट में रखा और कई खातों में 1.29 करोड़ रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब परिवार ने बुजुर्ग के व्यवहार में बदलाव देखा, तो उन्होंने ठगी की बात बताई। साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव ने कहा कि तहरीर पर आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर छानबीन की जा रही है।
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यह घटना स्थानीय लोगों को साइबर ठगी के प्रति जागरूक करती है और सुरक्षा उपायों को अपनाने की आवश्यकता को दर्शाती है।
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