अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से रुपये में सुधार, बॉंड बाजार में तेजी
अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद से रुपये की 5 दिन की गिरावट थमी, बॉन्ड में भी आई तेजी
Business Standard
Image: Business Standard
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त करने की संभावनाओं के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई, जिससे भारतीय रुपया मजबूत हुआ। रुपया 0.72% बढ़कर 94.61 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि बॉंड की यील्ड 6.92% पर आ गई।
- 01ईरान-अमेरिका युद्ध समाप्त करने की संभावनाओं से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।
- 02भारतीय रुपया 0.72% बढ़कर 94.61 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
- 03बॉंड की यील्ड 6.92% पर आ गई, जो पिछले स्तर 7.02% से कम है।
- 04अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने समझौते की संभावना का संकेत दिया।
- 05विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने बाजार में खरीदारी की।
Advertisement
In-Article Ad
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध समाप्त करने की संभावनाओं के संकेतों ने कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट लाई, जिससे भारतीय रुपया मजबूत हुआ। रुपया लगातार 5 दिनों की गिरावट के बाद 0.72% की बढ़त के साथ 94.61 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जबकि एक दिन पहले यह 95.29 प्रति डॉलर पर था। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि रुपया ओवरसोल्ड था और इसमें सुधार की गुंजाइश थी। इस बीच, 10 वर्षीय सरकारी बॉंड की यील्ड 10 आधार अंक घटकर 6.92% पर आ गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान युद्ध एक समझौते के जरिये खत्म हो सकता है, जिससे बाजार में सकारात्मक सेंटिमेंट बना। कच्चे तेल की कीमतें भी गिरकर लगभग 103 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं, जिससे तनाव कम होने की उम्मीदें बढ़ गईं।
Advertisement
In-Article Ad
रुपये की मजबूती से आयात महंगा होगा, जबकि निर्यातकों को लाभ होगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि अमेरिका-ईरान समझौता होगा?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।
-1778089707006.webp&w=1200&q=75)


