करनाल में सैटेलाइट तकनीक से फसल अवशेष जलाने पर होगी कड़ी कार्रवाई
Karnal News: करनाल में खेतों पर सैटेलाइट की नजर, पराली जलाने पर डबल मार- लगेगा जुर्माना और MSP बिक्री पर रोक
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करनाल, हरियाणा में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सैटेलाइट तकनीक का उपयोग शुरू किया है। नियमों का उल्लंघन करने पर किसानों पर जुर्माना और MSP बिक्री पर रोक लगाई जाएगी। इस अभियान में लगभग 700 अधिकारी शामिल हैं।
- 01करनाल में सैटेलाइट तकनीक से खेतों की निगरानी की जाएगी।
- 02फसल अवशेष जलाने पर किसानों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
- 03दोषी किसानों के खिलाफ FIR दर्ज की जाएगी।
- 04अधिकतम जुर्माना 30,000 रुपये तक हो सकता है।
- 05किसानों को अगले दो सीजन तक MSP पर फसल बेचने से रोका जाएगा।
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करनाल, हरियाणा में गेहूं की कटाई के दौरान फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने सैटेलाइट तकनीक का सहारा लिया है। कृषि विभाग के उपनिदेशक वजीर सिंह के अनुसार, जिले में लगभग 4.25 लाख एकड़ में गेहूं की फसल बोई गई है, जिसमें से 50 प्रतिशत की कटाई हो चुकी है। एक अप्रैल से हरसैक हरियाणा की मदद से खेतों की निगरानी शुरू कर दी गई है। यदि किसी खेत में आगजनी होती है, तो इसकी लोकेशन तुरंत कृषि विभाग को भेजी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने पर किसानों पर 5000 रुपये से लेकर 30,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और उनके खिलाफ वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 के तहत FIR दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, दोषी किसानों की जानकारी 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, जिससे वे अगले दो सीजन तक अपनी फसल MSP पर नहीं बेच पाएंगे।
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इस अभियान से किसानों को फसल अवशेष जलाने से रोकने में मदद मिलेगी और प्रदूषण स्तर में कमी आएगी।
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