आयुर्वेद में शहद के स्वास्थ्य लाभ और उपयोग के तरीके
आयुर्वेद के अनुसार शहद के चमत्कारी फायदे, सेहत के लिए वरदान
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आयुर्वेद के अनुसार, शहद को एक 'जादुई औषधि' माना जाता है, जो गर्मियों में सही तरीके से सेवन करने पर स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। ठंडा पानी, नींबू, सत्तू और दही के साथ शहद का उपयोग शरीर को ठंडक देने और वजन घटाने में मदद करता है।
- 01आयुर्वेद में शहद को 'योगवाही द्रव्य' माना जाता है।
- 02गर्मियों में शहद का सेवन सही मिश्रण के साथ करना चाहिए।
- 03घड़े के ठंडे पानी में नींबू और शहद मिलाकर पीना फायदेमंद है।
- 04सत्तू में शहद मिलाकर सेवन करना ऊर्जा बढ़ाता है।
- 05शहद और घी का संयोजन वर्जित है।
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आयुर्वेद के अनुसार, शहद को एक 'जादुई औषधि' माना गया है, जिसका सेवन गर्मियों में सावधानी से करना चाहिए। शहद को 'योगवाही द्रव्य' कहा जाता है, जिसका मतलब है कि यह अन्य वस्तुओं के गुणों को अपने में समाहित कर सकता है। गर्मियों में, शहद का सेवन सीधे करने से पित्त दोष बढ़ सकता है। इसके बजाय, इसे ठंडे पानी, नींबू, सत्तू या दही के साथ मिलाकर लेना चाहिए। उदाहरण के लिए, सुबह खाली पेट घड़े के ठंडे पानी में शहद और नींबू का रस मिलाकर पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है और ठंडक मिलती है। इसी तरह, सत्तू में शहद मिलाकर सेवन करने से मांसपेशियों की थकान मिटती है और लू से बचाव होता है। हालांकि, शहद और घी का संयोजन 'विरुद्ध आहार' माना जाता है और इसे नहीं लेना चाहिए।
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सही तरीके से शहद का सेवन करने से लोगों को गर्मियों में स्वास्थ्य लाभ मिल सकता है।
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