पटना हाईकोर्ट ने जीवित महिला को मृत बताने पर समस्तीपुर पुलिस को तलब किया
जिंदा महिला को पुलिस ने बताया मृत, पटना हाईकोर्ट सख्त; समस्तीपुर SP और थानाध्यक्ष तलब
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पटना हाईकोर्ट ने समस्तीपुर पुलिस की एक रिपोर्ट में जीवित महिला को मृत बताने पर कड़ी नाराजगी जताई है। मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू ने समस्तीपुर के एसपी और ताजपुर थानाध्यक्ष को जवाब देने के लिए तलब किया है। अगली सुनवाई 12 मई को होगी।
- 01पटना हाईकोर्ट ने एक जीवित महिला को मृत बताने पर समस्तीपुर पुलिस को तलब किया।
- 02मुख्य न्यायाधीश ने पुलिस रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।
- 03समस्तीपुर एसपी और ताजपुर थानाध्यक्ष को अवमानना की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
- 04महिला की नाबालिग नातिन के दुष्कर्म और हत्या के मामले में यह घटना हुई।
- 05अगली सुनवाई 12 मई को निर्धारित की गई है।
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पटना हाईकोर्ट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें समस्तीपुर पुलिस ने एक जीवित महिला, सकली देवी, को मृत बताने की गलती की। मुख्य न्यायाधीश संगम कुमार साहू की खंडपीठ ने समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह और ताजपुर थानाध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा को तलब किया है। कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी गंभीर और गलत जानकारी बिना सत्यापन के कैसे प्रस्तुत की गई। यह मामला सकली देवी द्वारा दायर अपील से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने अपनी नाबालिग नातिन के दुष्कर्म और हत्या के आरोपी को बरी किए जाने को चुनौती दी थी। समस्तीपुर कोर्ट ने 2013 में आरोपी को बरी कर दिया था। अगली सुनवाई 12 मई को होगी, जिसमें पुलिस को अपनी लापरवाही का जवाब देना होगा।
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इस मामले ने पुलिस की जांच और कोर्ट में पेश की जाने वाली रिपोर्टों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर दिया है, जिससे आम लोगों के लिए न्याय की प्रक्रिया पर भरोसा प्रभावित हो सकता है।
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