जीतन राम मांझी ने संतोष सुमन को बताया अपना सौतेला बेटा
'सौतेले बेटे को बनाया उत्तराधिकारी' जीतन राम मांझी ने बताया- मां की मौत के बाद संतोष सुमन को किसने पाला
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बिहार के केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने एक कार्यक्रम में बताया कि संतोष कुमार सुमन उनका सौतेला बेटा है, जिसे उन्होंने कभी सौतेलेपन का अनुभव नहीं होने दिया। मांझी ने संतोष की परवरिश में अपने परिवार के योगदान और अपने मार्गदर्शन की बात की, जिससे संतोष मंत्री पद तक पहुंचे हैं।
- 01जीतन राम मांझी ने संतोष सुमन को अपना सौतेला बेटा बताया।
- 02संतोष की मां का निधन 8 महीने की उम्र में हुआ था।
- 03संतोष की परवरिश उसकी चाची ने की।
- 04मांझी ने संतोष को हमेशा एक पिता की तरह मार्गदर्शन किया।
- 05संबंधों को लेकर सकारात्मक संदेश दिया गया है।
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बिहार के गया में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने सौतेले बेटे संतोष कुमार सुमन के बारे में भावुकता से बात की। उन्होंने बताया कि संतोष की मां का निधन जब वह केवल 8 महीने का था, तब हुआ। संतोष की परवरिश उसकी चाची ने की, और मांझी ने उसे कभी सौतेलेपन का अनुभव नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि संतोष को बेहतर शिक्षा देने के लिए उनके भाई ने उसे डॉन बोस्को स्कूल में पढ़ाया। मांझी ने संतोष को अनुशासन में रखा और उसके भविष्य के प्रति हमेशा चिंतित रहे। आज संतोष न केवल उनके उत्तराधिकारी हैं, बल्कि मंत्री पद तक भी पहुंच चुके हैं। इस बयान ने रिश्तों के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है कि अपनापन खून के रिश्तों से बड़ा हो सकता है।
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जीतन राम मांझी के बयान ने समाज में रिश्तों के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है, जिससे सौतेले रिश्तों को लेकर नकारात्मक सोच में बदलाव आ सकता है।
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