कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने की संभावना, जेपी मॉर्गन की चेतावनी
Crude Oil Price: होर्मुज खुलने के बाद भी नहीं मिलेगी राहत, 100 डॉलर की रेंज में रह सकता है कच्चा तेल, दिग्गज फर्म की चेतावनी
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कच्चे तेल की कीमतें आने वाले समय में 100 डॉलर प्रति बैरल की निचली रेंज में रह सकती हैं, जैसा कि जेपी मॉर्गन की रिपोर्ट में बताया गया है। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटें और लॉजिस्टिक्स संबंधी चुनौतियों के चलते कीमतों में तेजी की संभावना कम है।
- 01कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने की संभावना है।
- 02पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटें आ रही हैं।
- 03ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत 2026 में लगभग 97 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान।
- 04सरकारी तेल विपणन कंपनियों को हर दिन 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
- 05अगर स्थिति यही रही, तो कंपनियों का कुल नुकसान 1 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
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नई दिल्ली में जेपी मॉर्गन की एक रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें आने वाले समय में 100 डॉलर प्रति बैरल की निचली रेंज में रह सकती हैं। इसका मुख्य कारण पश्चिम एशिया में युद्ध के चलते आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटें हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि शिपिंग, रिफाइनरी संचालन और टैंकरों की उपलब्धता में समस्याएं बनी रहेंगी, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर दबाव बना रहेगा। ब्रेंट क्रूड की औसत कीमत 2026 में लगभग 97 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान है। इसके अलावा, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने चेतावनी दी है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहीं, तो सरकारी तेल विपणन कंपनियों का मुनाफा खत्म हो सकता है। वर्तमान में, ये कंपनियां हर दिन करीब 1,000 करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं, जो वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में 1.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
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कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से भारतीय तेल विपणन कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा है, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है।
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