CBSE ने मार्किंग पोर्टल हैकिंग के दावे का खंडन किया
CBSE ने डिलीट क्यों किया मार्किंग पोर्टल हैक होने वाला पोस्ट? खुद बताया कारण

Image: Ndtv
CBSE ने अपने ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल के हैक होने के दावे का खंडन किया है। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि हैकिंग का दावा करने वाला पोर्टल केवल एक टेस्टिंग साइट है और असली डेटा सुरक्षित है। एक प्रारंभिक पोस्ट को गलती से डिलीट करने के बाद, CBSE ने सही जानकारी साझा की।
- 01CBSE ने अपने मार्किंग पोर्टल के हैक होने के दावे का खंडन किया है।
- 02हैकिंग का दावा करने वाला पोर्टल केवल एक टेस्टिंग साइट है, जिसमें असली डेटा नहीं है।
- 03CBSE ने गलती से एक एक्स्ट्रा 's' के कारण पहला पोस्ट डिलीट किया।
- 04बोर्ड ने कहा कि असली पोर्टल की सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई है।
- 05सोशल मीडिया पर CBSE को ट्रोल किया गया, लोगों ने बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) पोर्टल के हैक होने के दावे का खंडन किया है। एक एथिकल हैकर ने दावा किया था कि उसने बोर्ड के मार्किंग पोर्टल को आसानी से हैक कर लिया। इसके बाद, CBSE ने एक पोस्ट जारी किया, लेकिन इसे कुछ ही मिनटों में डिलीट कर दिया गया। बोर्ड ने बताया कि डिलीट करने का कारण एक गलती थी, जिसमें URL में एक अतिरिक्त 's' था। उन्होंने अपने सही URL के साथ पोस्ट को दोबारा जारी किया। CBSE ने स्पष्ट किया कि जिस पोर्टल का हैकिंग का दावा किया गया, वह केवल एक टेस्टिंग साइट है, जिसमें असली डेटा नहीं है। बोर्ड ने कहा कि असली पोर्टल की सुरक्षा में कोई चूक नहीं हुई है। हालाँकि, इस मामले में बोर्ड को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया है, जहाँ लोगों ने उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
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CBSE के मार्किंग पोर्टल से जुड़े विवादों का असर छात्रों और उनके माता-पिता पर पड़ सकता है, जो परीक्षा के परिणामों और मार्किंग प्रक्रिया को लेकर चिंतित हैं।
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