भागलपुर में सचिवों और न्यायमित्रों ने मानदेय वृद्धि की मांग की
मानदेय पर फूटा गुस्सा : सचिवों-न्यायमित्रों ने सरकार को घेरा, भागलपुर MLA से कहा- जल्द फैसला नहीं तो उग्र आंदोलन
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भागलपुर विधानसभा क्षेत्र, बिहार में ग्राम कचहरी सचिवों और न्यायमित्रों ने सरकार से मानदेय वृद्धि की मांग की है। उन्होंने विधायक रोहित पांडेय को ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
- 01ग्राम कचहरी सचिवों ने मानदेय वृद्धि की मांग की है।
- 02सरपंच के भत्ते की तुलना में सचिवों का मानदेय कम है।
- 03सचिवों ने 30,000 रुपये मानदेय की मांग की है।
- 042025 में हुई मानदेय वृद्धि से असंतोष जताया गया है।
- 05सरकार को जल्द निर्णय लेने की चेतावनी दी गई है।
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भागलपुर, बिहार में ग्राम कचहरी सचिवों ने मानदेय वृद्धि को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। उन्होंने भागलपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोहित पांडेय को ज्ञापन सौंपकर वर्तमान मानदेय को अपर्याप्त बताया है। सचिवों का कहना है कि उनका मानदेय सरपंच के भत्ते के मुकाबले बहुत कम है, जबकि सरपंच का भत्ता 7500 रुपये कर दिया गया है। सचिवों ने मांग की है कि उनका मानदेय कम से कम 30,000 रुपये किया जाए। 2025 में हुई मानदेय वृद्धि पर भी असंतोष व्यक्त किया गया है, जिसे सचिवों ने उनकी आर्थिक स्थिति में कोई सुधार नहीं लाने वाला बताया। सचिवों और न्यायमित्रों ने सरकार से जल्द निर्णय की अपील की है और चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन का सहारा लेने को बाध्य होंगे।
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यदि सचिवों की मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो यह उनके आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है और आंदोलन की स्थिति उत्पन्न कर सकता है।
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