असम विधानसभा में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रस्ताव पेश
असम विधानसभा में बड़ी पहल: संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव पेश

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असम सरकार ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रस्ताव विधानसभा में पेश किया। महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अजंता नियोग ने इस कदम को महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए आवश्यक बताया और सभी सदस्यों से समर्थन की अपील की।
- 01असम सरकार ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रस्ताव पेश किया।
- 02महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अजंता नियोग ने सदन से सर्वसम्मति से समर्थन देने का आग्रह किया।
- 03इस प्रस्ताव का उद्देश्य नारी शक्ति का सम्मान करना और महिलाओं के विकास को सुनिश्चित करना है।
- 04नियोग ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक सशक्तिकरण की आवश्यकता है, जो वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है।
- 05राजग शासित कई राज्यों की विधानसभाओं ने पहले ही इसी प्रकार के प्रस्ताव पारित किए हैं।
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असम सरकार ने सोमवार को विधानसभा में एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पेश किया, जिसमें संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण की मांग की गई है। महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अजंता नियोग ने यह प्रस्ताव पेश करते हुए सदन से सर्वसम्मति से समर्थन की अपील की। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं के समग्र विकास और सशक्तीकरण को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है। नियोग ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से पर्याप्त रूप से सशक्त नहीं किया गया है, जो सामाजिक और शैक्षिक कारणों से भी प्रभावित है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। यह प्रस्ताव अन्य राज्यों में भी समान प्रयासों के अनुरूप है, जहाँ राजग शासित विधानसभाओं ने पहले ही इसी प्रकार के आरक्षण प्रस्ताव पारित किए हैं।
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महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में वृद्धि मिलेगी, जिससे उनके अधिकारों और विकास को बढ़ावा मिलेगा।
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