बिहार में फेस रिकवरी सिस्टम से बदमाशों की पहचान में तेजी
बिहार में एक क्लिक में खुलेगी बदमाशों की कुंडली, फेस रिकवरी सिस्टम से हाईटेक हो रही पुलिस
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बिहार में पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने अपराध नियंत्रण के लिए फेस रिकवरी सिस्टम का उपयोग शुरू किया है। यह तकनीक बदमाशों की पहचान और आपराधिक रिकॉर्ड को कुछ ही सेकंड में उपलब्ध कराएगी, जिससे पुलिस की कार्यक्षमता में सुधार होगा।
- 01फेस रिकवरी सिस्टम से बदमाशों की पहचान में तेजी आएगी।
- 021700 से अधिक थानों को इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा।
- 03संदिग्ध चेहरों का मिलान सीधे डाटाबेस से किया जाएगा।
- 04यह प्रणाली पुलिस की कार्यक्षमता और जांच प्रक्रिया को बेहतर बनाएगी।
- 05बदमाशों के आपराधिक नेटवर्क की जानकारी भी उपलब्ध होगी।
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बिहार में पुलिस और रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने अपराध नियंत्रण के लिए फेस रिकवरी सिस्टम का उपयोग शुरू किया है। इस प्रणाली के तहत, बदमाशों की पहचान, गतिविधियां और पुराने आपराधिक रिकॉर्ड कुछ ही सेकंड में उपलब्ध हो जाएंगे। पहले चरण में, 1700 से अधिक महत्वपूर्ण थानों को इस नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिसमें मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख जिले शामिल हैं। इस तकनीक से संदिग्ध चेहरों का मिलान सीधे डाटाबेस से किया जाएगा, जिससे पुलिस की कार्यक्षमता में सुधार होगा। बदमाशों का पूरा रिकॉर्ड, जिसमें उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे और गिरफ्तारी का इतिहास शामिल होगा, अब एक क्लिक में उपलब्ध होगा। अधिकारियों का मानना है कि यह प्रणाली पुलिस की जांच प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाएगी। इससे बदमाशों के छिपने की संभावना कम हो जाएगी और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।
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यह प्रणाली पुलिस को अपराधियों की पहचान और कार्रवाई में तेजी लाने में मदद करेगी, जिससे स्थानीय लोगों की सुरक्षा में सुधार होगा।
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