गुजरात में साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़, 398 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन में 14 गिरफ्तार
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Image: Jagran
गुजरात में पुलिस ने ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जो 398.43 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन में शामिल थे। ये लेनदेन 13 फर्जी बैंक खातों के माध्यम से किए गए थे।
- 01गुजरात के पाटन जिले में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
- 02साइबर धोखाधड़ी से संबंधित 228 अंतरराज्यीय शिकायतें दर्ज की गईं।
- 03धोखाधड़ी के लिए 13 फर्जी बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया।
- 04संदिग्ध लेनदेन में कुल 398.43 करोड़ रुपये शामिल हैं।
- 05पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया।
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गुजरात में पुलिस ने ऑपरेशन म्यूल हंट 2.0 के तहत एक बड़े साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जो 398.43 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन में शामिल थे। पाटन जिले से गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने 13 फर्जी बैंक खातों के माध्यम से यह धोखाधड़ी की। पुलिस ने बताया कि केंद्र सरकार के समन्वय पोर्टल और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीसीआरपी) पर उपलब्ध डाटा के विश्लेषण से यह जानकारी मिली। जांच में पाया गया कि साइबर अपराधियों ने कमीशन का लालच देकर लोगों के बैंक खाते खुलवाए और खाताधारकों ने अपनी एटीएम कार्ड, चेक बुक, सिम कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग संबंधी क्रेडेंशियल्स धोखाधड़ी करने वालों को दे दिए। इन खातों का उपयोग साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को देशभर में ट्रांसफर करने के लिए किया गया। पाटन साइबर अपराध पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता के तहत 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें से 14 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है जबकि 6 अन्य फरार हैं।
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यह कार्रवाई स्थानीय निवासियों को साइबर धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने में मदद करेगी।
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