बेतिया राज का खजाना: चोरों के लिए 'एटीएम', महल की चोरी की कहानी
Bettiah Maharaja: बेतिया राज का खजाना चोरों के लिए 'ब्लैंक चेक', जब महल की छत तोड़कर ले गए थे हीरे-जवाहरात
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
बेतिया राज का खजाना, जो पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण में फैला है, चोरों के लिए एक आसान लक्ष्य बन गया है। 1990 में महल की छत तोड़कर हुई चोरी को एशिया की सबसे बड़ी चोरी माना जाता है, जिसमें हीरे और सोना चुराए गए थे।
- 01बेतिया राज का खजाना चोरों के लिए एक आसान लक्ष्य है।
- 021990 में हुई चोरी को एशिया की सबसे बड़ी चोरी माना जाता है।
- 03चोरों ने महल की छत तोड़कर हीरे और सोना चुराया।
- 04बेतिया राज की संपत्तियों को अतिक्रमण और चोरियों ने भारी नुकसान पहुंचाया।
- 05चोरी गई वस्तुओं की अनुमानित कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये है।
Advertisement
In-Article Ad
बेतिया राज, जो पश्चिमी चंपारण और पूर्वी चंपारण में फैला है, अपने खजाने के लिए हमेशा चोरों के निशाने पर रहा है। स्थानीय पत्रकारों के अनुसार, 1954 के बाद से चोरों ने इस खजाने का उपयोग 'एटीएम' की तरह करना शुरू कर दिया। 1990 में हुई चोरी को एशिया की सबसे बड़ी चोरी माना जाता है, जब चोरों ने राजमहल की छत तोड़कर हीरे और सोने की वस्तुएं चुराई थीं। इस चोरी की शिकायत बेतिया राज की प्रबंधन कमेटी ने 2 करोड़ रुपये की चोरी के रूप में दर्ज कराई थी, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि चोरी की गई वस्तुओं की कीमत इससे कहीं अधिक थी। इसके अलावा, 1996 में कालीबाग मंदिर की मूर्ति और 2009 में ऐतिहासिक घड़ी की मशीन भी चुराई गई। बेतिया राज की संपत्तियों को अतिक्रमण और चोरियों ने भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे इसकी शान-ओ-शौकत अब केवल कागज़ के पन्नों तक सीमित रह गई है।
Advertisement
In-Article Ad
बेतिया राज की चोरियों ने स्थानीय समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर को नुकसान पहुँचाया है और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डाला है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि बेतिया राज की सुरक्षा को बढ़ाने की आवश्यकता है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




