सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम ध्वस्तीकरण मामले में हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया
गुरुग्राम ध्वस्तीकरण पर सुप्रीम कोर्ट का हस्तक्षेप से इनकार, हाईकोर्ट जाने को कहा
Ndtv
Image: Ndtv
गुरुग्राम में अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रही तोड़फोड़ कार्रवाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को सीधे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा कि अगर निर्माण अवैध हैं, तो हाईकोर्ट को मामले की जांच का अधिकार है।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया।
- 02गुरुग्राम में 'स्टिल्ट प्लस 4' इमारतों को गिराने की कार्रवाई शुरू होने वाली है।
- 03स्थानीय प्रशासन ने बिना नोटिस के तोड़फोड़ की कार्रवाई की है।
- 04मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हाईकोर्ट को मामले की जांच का अधिकार है।
- 05हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया गया।
Advertisement
In-Article Ad
गुरुग्राम में अवैध निर्माणों के खिलाफ चल रही तोड़फोड़ कार्रवाई पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने अदालत को बताया कि प्रशासन 'स्टिल्ट प्लस 4' इमारतों को गिराने की तैयारी कर रहा है, जबकि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहले ही निर्देश दे चुका है कि कार्रवाई पुरानी नीति के अनुसार होनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन बिना नोटिस के तोड़फोड़ कर रहा है, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए हैं। मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने कहा कि यदि निर्माण अवैध हैं, तो इस मामले की जांच का अधिकार हाईकोर्ट को है। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को तुरंत हाईकोर्ट जाने का निर्देश दिया और मुख्य न्यायाधीश से अनुरोध किया कि इस मामले की सुनवाई आज ही की जाए।
Advertisement
In-Article Ad
यह निर्णय स्थानीय निवासियों पर प्रभाव डाल सकता है, जो अवैध निर्माणों के कारण प्रभावित हो रहे हैं।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।

