लातूर और सीकर: NEET पेपर लीक का जाल और शिक्षा में धोखाधड़ी
जिस लातूर और सीकर में भूखमरी और तंगी, वहीं से कैसे चला NEET पेपर लीक का सिंडिकेट? समझें जालसाजों का पूरा खेल

Image: News 18 Hindi
लातूर, महाराष्ट्र और सीकर, राजस्थान में NEET परीक्षा के पेपर लीक का एक बड़ा सिंडिकेट सामने आया है। यहाँ के कोचिंग सेंटरों ने छात्रों के सपनों को करोड़ों के कारोबार में बदल दिया, जबकि स्थानीय लोग बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रहे हैं। यह मामला केवल परीक्षा में धांधली का नहीं, बल्कि एक सामाजिक और आर्थिक संकट का भी प्रतीक है।
- 01लातूर और सीकर में NEET पेपर लीक सिंडिकेट का खुलासा हुआ है।
- 02शिवराज मोतेगांवकर, लातूर के RCC के फाउंडर, की गिरफ्तारी से नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।
- 03छात्रों से लाखों रुपए लेकर पेपर पहुंचाने का दावा किया जाता था।
- 04सिंडिकेट ने WhatsApp और Telegram जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया।
- 05गरीब परिवारों ने बच्चों के भविष्य के लिए कर्ज लिया, लेकिन कई बार धोखा मिला।
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लातूर, महाराष्ट्र और सीकर, राजस्थान में NEET परीक्षा के पेपर लीक का एक बड़ा सिंडिकेट सामने आया है। इन दोनों जिलों की पहचान सूखे खेतों और बेरोजगारी से है, लेकिन अब यह शिक्षा के क्षेत्र में भी एक गहरे संकट का प्रतीक बन गया है। लातूर में शिवराज मोतेगांवकर द्वारा संचालित रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (RCC) के फाउंडर की गिरफ्तारी ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया। आरोप है कि कोचिंग सेंटरों ने छात्रों और उनके अभिभावकों को धोखे में रखकर लाखों रुपये वसूले।
छात्रों को 'गेस पेपर' और 'सेलेक्शन गारंटी' जैसे झूठे वादों के जरिए फंसाया गया। WhatsApp और Telegram जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर पेपर लीक किए जाते थे। गरीब परिवारों ने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए कर्ज लिया, लेकिन कई बार उन्हें फर्जी सामग्री या अधूरा पेपर मिला। यह मामला केवल परीक्षा में धांधली का नहीं, बल्कि एक सामाजिक और आर्थिक संकट का भी प्रतीक है, जो शिक्षा के प्रति विश्वास को तोड़ रहा है।
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यह मामला शिक्षा के क्षेत्र में विश्वास को तोड़ रहा है और गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से प्रभावित कर रहा है।
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