गाजीपुर का तारी घाट रेलवे स्टेशन: एक अनोखी यात्रा की कहानी
भारत का अनोखा रेलवे स्टेशन, जहां खत्म हो जाती थीं पटरियां, ट्रेन से उतरकर नाव से सफर पूरा करते थे यात्री!
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गाजीपुर जिले, उत्तर प्रदेश में स्थित तारी घाट रेलवे स्टेशन एक अनोखा स्थल है, जहां ट्रेन की पटरियां अचानक खत्म हो जाती थीं। यात्रियों को गंगा नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था। अब एक नए पुल के निर्माण के बाद यह स्टेशन वीरान हो गया है, लेकिन इसकी ऐतिहासिक कहानी आज भी जीवित है।
- 01तारी घाट रेलवे स्टेशन गाजीपुर, उत्तर प्रदेश में स्थित है।
- 02यह स्टेशन 1880 के आसपास स्थापित हुआ था और अफीम के व्यापार का केंद्र था।
- 03यात्रियों को ट्रेन से उतरकर गंगा नदी पार करने के लिए नाव का उपयोग करना पड़ता था।
- 042024 में गंगा पर बने नए पुल ने इस स्टेशन की आवश्यकता को समाप्त कर दिया।
- 05आज यह स्टेशन वीरान है, लेकिन इसकी ऐतिहासिक महत्वता बनी हुई है।
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गाजीपुर जिले, उत्तर प्रदेश में स्थित तारी घाट रेलवे स्टेशन एक अनोखी कहानी का हिस्सा है। यह स्टेशन 1880 के आसपास स्थापित हुआ था और उस समय अफीम के व्यापार के लिए महत्वपूर्ण था। यहां से ट्रेनें यात्रियों को लेकर आती थीं, लेकिन गंगा नदी पर कोई पुल न होने के कारण यात्रियों को ट्रेन से उतरकर नाव से नदी पार करनी पड़ती थी। यह सफर बरसात के मौसम में और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता था। समय के साथ, 2024 में गंगा पर एक नया रेल-कम-रोड ब्रिज बनकर तैयार हुआ, जिसने इस स्टेशन की आवश्यकता को समाप्त कर दिया। आज यह स्टेशन वीरान है, लेकिन इसकी कहानी गाजीपुर के इतिहास में हमेशा जीवित रहेगी।
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गंगा पर नए पुल के निर्माण ने गाजीपुर के यात्रियों के लिए यात्रा को सरल और सुरक्षित बना दिया है।
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