बच्चों के स्क्रीन टाइम पर डॉक्टरों की चेतावनी: मानसिक और सामाजिक विकास पर पड़ सकता है नकारात्मक असर
Screen Time Risk: बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम बन सकता है खतरे की घंटी, डॉक्टरों ने दी सख्त चेतावनी
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डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम उनके मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को प्रभावित कर सकता है। विशेष रूप से, जन्म से 18 महीने तक के बच्चों को स्क्रीन से दूर रखना आवश्यक है, ताकि उनकी सीखने की क्षमता प्रभावित न हो।
- 01बच्चों को 18 महीने तक किसी भी स्क्रीन से दूर रखना चाहिए।
- 02ज्यादा स्क्रीन टाइम से भाषा सीखने की क्षमता कमजोर हो सकती है।
- 0318 महीने से 6 साल के बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम सीमित होना चाहिए।
- 04ऑटिज्म के शुरुआती संकेत 12 से 18 महीने में दिख सकते हैं।
- 05परिवार की भूमिका बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण होती है।
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आज के डिजिटल युग में बच्चों का बढ़ता स्क्रीन टाइम चिंता का विषय बन गया है। डॉक्टरों का मानना है कि जन्म से 18 महीने तक के बच्चों को किसी भी प्रकार की स्क्रीन से दूर रखा जाना चाहिए, क्योंकि इस दौरान उनका मस्तिष्क तेजी से विकसित होता है। स्क्रीन के ज्यादा उपयोग से बच्चों की भाषा सीखने की क्षमता और सामाजिक व्यवहार पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। 18 महीने से 6 साल तक के बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम सीमित करना आवश्यक है, ताकि वे आउटडोर खेल, किताबें पढ़ने और रचनात्मक गतिविधियों में शामिल हो सकें। विशेषज्ञों का कहना है कि ऑटिज्म के शुरुआती संकेत 12 से 18 महीने में दिख सकते हैं, इसलिए माता-पिता को सतर्क रहना चाहिए। सही देखभाल और परिवार का प्यार बच्चों के भविष्य को बेहतर बना सकता है।
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बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के कारण माता-पिता को अपने बच्चों के स्क्रीन टाइम पर ध्यान देना चाहिए।
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