आरबीआई रिपोर्ट: राज्यों की बाजार उधारी पर निर्भरता बढ़ी
RBI रिपोर्ट में बड़ा खुलासा! खर्च चलाने के लिए राज्यों की बाजार उधारी पर बढ़ी निर्भरता

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भारतीय रिज़र्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि 2025-26 में राज्यों की बाजार उधारी पर निर्भरता बढ़कर 76.3 प्रतिशत हो गई है। इस दौरान राज्य सरकार की प्रतिभूतियों पर यील्ड और स्प्रेड में वृद्धि हुई है, जिससे वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है।
- 012025-26 में राज्यों की बाजार उधारी की हिस्सेदारी 76.3 प्रतिशत हो गई, जो 2024-25 में 71.8 प्रतिशत थी।
- 02राज्यों ने 2025-26 में 2.76 लाख करोड़ रुपये की एसजीएस जारी की, जबकि पिछले वर्ष यह 10.73 लाख करोड़ रुपये थी।
- 03एसजीएस पर औसत यील्ड 7.32 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष 7.20 प्रतिशत थी।
- 04केंद्रीय सरकारी प्रतिभूतियों पर स्प्रेड 30 आधार अंक से बढ़कर 50 आधार अंक हो गया।
- 05आरबीआई ने बेंचमार्क इश्युएंस रणनीति अपनाने की योजना बनाई है, जो 2026-27 से लागू होगी।
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भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) की वार्षिक रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्यों की बाजार उधारी पर निर्भरता 2025-26 में बढ़कर 76.3 प्रतिशत हो गई है, जो 2024-25 में 71.8 प्रतिशत थी। इस दौरान राज्यों ने 2.76 लाख करोड़ रुपये की सरकारी प्रतिभूतियां (एसजीएस) जारी कीं, जबकि पिछले वर्ष यह राशि 10.73 लाख करोड़ रुपये थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि एसजीएस पर भारित औसत यील्ड 7.32 प्रतिशत हो गई, जो पिछले वर्ष 7.20 प्रतिशत थी। इसके साथ ही केंद्रीय सरकारी प्रतिभूतियों पर स्प्रेड 30 आधार अंक से बढ़कर 50 आधार अंक हो गया। आरबीआई ने राज्यों को बाजार उधारी के लिए बेंचमार्क इश्युएंस रणनीति अपनाने की सलाह दी है, जो 2026-27 से आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश के लिए प्रायोगिक आधार पर लागू होगी।
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राज्यों की बढ़ती बाजार उधारी से वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है, जिससे विकास परियोजनाओं और सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ सकता है।
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