उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर कनेक्शन को लेकर विवाद, उपभोक्ता परिषद ने CBI जांच की मांग की
यूपी में रोक के बावजूद जबरन स्मार्ट प्रीपेड मीटर कनेक्शन देने का आरोप, उपभोक्ता परिषद ने की CBI जांच की मांग
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उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर कनेक्शन को लेकर विवाद बढ़ गया है। उपभोक्ता परिषद ने आरोप लगाया है कि सरकार द्वारा अनिवार्यता समाप्त करने के बावजूद नए कनेक्शन केवल प्रीपेड मोड में दिए जा रहे हैं। परिषद ने इस मामले की CBI जांच की मांग की है।
- 01स्मार्ट प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता खत्म होने के बावजूद कनेक्शन दिए जा रहे हैं।
- 02उपभोक्ता परिषद ने इसे उपभोक्ताओं के साथ धोखा बताया है।
- 03पावर कॉरपोरेशन पर पुराने नियमों के आधार पर कनेक्शन देने का आरोप।
- 04ऊर्जा मंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए गए हैं।
- 05सीबीआई जांच की मांग की गई है।
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उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के नए कनेक्शन को लेकर विवाद गहरा गया है। उपभोक्ता परिषद ने आरोप लगाया है कि भारत सरकार द्वारा प्रीपेड मोड की अनिवार्यता समाप्त करने के बावजूद, पावर कॉरपोरेशन पुराने नियमों के आधार पर नए कनेक्शन केवल प्रीपेड मोड में दे रहा है। परिषद के अध्यक्ष, अवधेश कुमार वर्मा ने इसे उपभोक्ताओं के साथ बड़ा धोखा बताया है और ऊर्जा मंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है, ताकि उपभोक्ताओं के अधिकारों का संरक्षण हो सके। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब परिषद ने कहा कि उपभोक्ताओं को गुमराह किया जा रहा है।
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यदि सीबीआई जांच होती है, तो यह उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा में मदद कर सकती है और उन्हें उचित कनेक्शन प्राप्त करने का अधिकार मिल सकता है।
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