जिल बाइडेन ने पीएम मोदी के हीरे को लेकर साझा की अपनी भावनाएँ
PM मोदी के गिफ्ट किए हुए हीरे को अपना नहीं बना पाई जिल बाइडेन, किताब में बयां किया दर्द

Image: Zee News
अमेरिका की पूर्व फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन ने अपनी नई किताब में बताया कि कैसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया 7.5 कैरेट का हीरा सरकारी नियमों के कारण उनका नहीं हो सका। उन्होंने हीरे की कीमत का सरकारी आकलन और अपनी भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र किया।
- 01जिल बाइडेन ने पीएम मोदी से मिले 7.5 कैरेट के हीरे को अपना नहीं बना सकीं।
- 02हीरे की कीमत अमेरिकी अधिकारियों ने 20,000 डॉलर (लगभग 16.5 लाख रुपये) आंकी।
- 03बाइडेन ने हीरे को अंगूठी में जड़वाकर सरकारी कार्यक्रमों में पहना।
- 04उन्होंने फ्रांस की फर्स्ट लेडी से मिले ब्रेसलेट के लिए अपनी जेब से भुगतान किया।
- 05यह घटना भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ थी।
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अमेरिका की पूर्व फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन ने अपनी नई किताब 'व्यू फ्रॉम द ईस्ट विंग: ए मेमॉयर' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए 7.5 कैरेट के हीरे के बारे में अपने अनुभव साझा किए हैं। उन्होंने बताया कि यह हीरा एक बड़ा तोहफा था, जिसे वह हमेशा के लिए रखना चाहती थीं, लेकिन अमेरिकी सरकार के कड़े नैतिक नियमों के कारण उन्हें इसे सरकारी गोदाम में लौटाना पड़ा। जिल बाइडेन ने बताया कि पीएम मोदी ने उन्हें बताया था कि हीरा भारत में हाथ से बनाया गया है और इसकी कीमत 2,500 डॉलर (लगभग 2 लाख रुपये) है। हालांकि, जब इसकी सरकारी जांच हुई, तो इसकी कीमत 20,000 डॉलर (लगभग 16.5 लाख रुपये) आंकी गई। जिल बाइडेन ने उस हीरे को अंगूठी में जड़वाकर कई सरकारी कार्यक्रमों में पहना, लेकिन व्हाइट हाउस छोड़ते समय इसे वापस करना पड़ा। उन्होंने इस घटना के माध्यम से अमेरिका में विदेशी उपहारों के लिए सख्त नियमों को उजागर किया।
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