मंडी में बारिश से गेहूं और बागवानी फसलों को नुकसान
Mandi News: बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान
Amar Ujala
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मंडी जिले, हिमाचल प्रदेश में हाल की बारिश और ओलावृष्टि ने गेहूं और बागवानी फसलों को नुकसान पहुँचाया है। तुंगल घाटी के डंढाल गांव में लगभग 10 टन गेहूं की फसल बर्बाद हुई है। किसानों का कहना है कि महंगे बीज और खाद के बावजूद मौसम ने उनकी मेहनत को बर्बाद कर दिया।
- 01तुंगल घाटी में ओलावृष्टि से 10 टन गेहूं की फसल बर्बाद हुई।
- 02किसानों ने महंगे बीज और खाद के बावजूद फसल को खोया।
- 03बागवानी विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में अस्थिरता से सेब उत्पादन पर असर पड़ा है।
- 04किसानों को विभाग द्वारा तिरपाल प्रदान किए गए हैं।
- 05जिला कृषि उप निदेशक का कहना है कि अधिकांश क्षेत्रों में गेहूं की फसल को नुकसान नहीं हुआ है।
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मंडी जिले, हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुई बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की गेहूं और बागवानी फसलों को नुकसान पहुँचाया है। तुंगल घाटी के डंढाल गांव में लगभग 10 टन गेहूं की फसल बर्बाद हो गई है। प्रभावित किसानों का कहना है कि उन्होंने महंगे बीज और खाद का उपयोग किया था, लेकिन मौसम की मार ने उनकी मेहनत को बर्बाद कर दिया। नाचन क्षेत्र के बागवानों ने भी ओलावृष्टि के कारण सेब, खुमानी, प्लम और आड़ू की फसलें खोई हैं। गोहर के बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने बताया कि मौसम में अस्थिरता से सेब उत्पादन पर सीधा असर पड़ा है। जिला कृषि उप निदेशक रामचंद्र चौधरी ने कहा कि अधिकांश क्षेत्रों में गेहूं की फसल को नुकसान नहीं हुआ है और किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले तिरपाल उपलब्ध कराए गए हैं।
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किसानों की फसलें बर्बाद होने से उनकी आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, जिससे उनके परिवारों का पालन-पोषण प्रभावित होगा।
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