ज्येष्ठ अमावस्या 2026: तिथि, महत्व और पूजा विधि की जानकारी
May Amavasya 2026: ज्येष्ठ अमावस्या कब है? जानिए तिथि, समय, महत्व और पूजा विधि
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मई अमावस्या 2026, जिसे ज्येष्ठ अमावस्या कहा जाता है, शनिवार, 16 मई को पड़ेगी। यह दिन पितरों की पूजा, आत्मशुद्धि और दान-पुण्य के लिए महत्वपूर्ण है। श्रद्धालु इस दिन स्नान, तर्पण और पूजा करके अपने पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
- 01मई अमावस्या 2026, 16 मई को है।
- 02यह दिन पितरों की पूजा और आत्मशुद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।
- 03अमावस्या तिथि का प्रारंभ सुबह 5:11 बजे और समाप्ति रात 1:30 बजे होगी।
- 04इस दिन दान-पुण्य करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
- 05श्रद्धालु इस दिन व्रत भी रखते हैं।
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मई अमावस्या 2026, जिसे ज्येष्ठ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, 16 मई को पड़ेगी। यह दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है, खासकर पितरों की पूजा, आत्मशुद्धि, दान-पुण्य और व्रत-उपासना के लिए। इस दिन किए गए धार्मिक कार्यों से पितृ दोष शांत होता है और जीवन में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। अमावस्या तिथि का प्रारंभ सुबह 5:11 बजे और समाप्ति रात 1:30 बजे होगी। श्रद्धालु इस दिन स्नान, तर्पण, पूजा-पाठ और व्रत रखकर अपने पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। पूजा विधि में पवित्र स्नान, पितरों को जल, तिल और भोजन अर्पित करना, दीपक जलाना और जरूरतमंदों को दान करना शामिल है।
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यह दिन पितरों की पूजा और दान-पुण्य के लिए महत्वपूर्ण है, जिससे परिवार में सकारात्मक ऊर्जा और शांति का संचार होता है।
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