भारत के परमाणु परीक्षण की ऐतिहासिक घोषणा: वाजपेयी का प्रेस कॉन्फ्रेंस
जब वाजपेयी ने तोड़ी चुप्पी, कहानी उस दिन की जब भारत बना परमाणु शक्ति
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11 मई 1998 को, प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने भारत के पोखरण रेंज में तीन भूमिगत परमाणु परीक्षणों की घोषणा की। यह घटना न केवल भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ थी, बल्कि इसे विश्व स्तर पर एक परमाणु शक्ति के रूप में मान्यता मिली।
- 0111 मई 1998 को भारत ने पोखरण में तीन परमाणु परीक्षण किए।
- 02प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अचानक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई।
- 03यह घोषणा भारत को एक परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित करती है।
- 04इस घटना ने वैश्विक स्तर पर भारत की स्थिति को मजबूत किया।
- 05पत्रकारों की प्रतिक्रिया और घटनाक्रम ने उस दिन को ऐतिहासिक बना दिया।
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11 मई 1998 की दोपहर, प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अचानक एक प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई, जिसमें उन्होंने भारत द्वारा पोखरण रेंज में तीन भूमिगत परमाणु परीक्षणों की घोषणा की। यह घोषणा भारत को एक परमाणु शक्ति के रूप में स्थापित करती है। पत्रकारों ने इस महत्वपूर्ण घटना को कवर करने के लिए तेजी से तैयारी की। वाजपेयी के बयान के बाद, पत्रकारों के बीच सन्नाटा छा गया और यह दिन भारत के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ बन गया। इस घटना के बाद, भारत ने विश्व स्तर पर अपनी स्थिति को मजबूत किया और परमाणु शक्ति के रूप में मान्यता प्राप्त की। आज, 28 साल बाद, यह घटना यादगार बनी हुई है और इसे भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण माना जाता है।
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यह घटना भारत की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय स्थिति को मजबूत करने में सहायक रही।
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