शी जिनपिंग का उत्तर कोरिया दौरा: किम जोंग उन के साथ महत्वपूर्ण बैठक
शी जिनपिंग 7 साल बाद जाएंगे उत्तर कोरिया, किम जोंग उन के साथ अहम बैठक, क्यों लगी है दुनिया की नजर?
Image: Nbt Navbharattimes
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 8 और 9 जून को उत्तर कोरिया का दौरा करेंगे, जहां उनकी किम जोंग उन से मुलाकात होगी। यह यात्रा पिछले चार वर्षों में जिनपिंग की पहली उत्तर कोरिया यात्रा है और वैश्विक राजनीतिक परिदृश्य पर इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है।
- 01शी जिनपिंग का उत्तर कोरिया दौरा 2019 के बाद का पहला है।
- 02उत्तर कोरिया ने रूस को महत्वपूर्ण सैन्य सहायता प्रदान की है, जिससे उसकी शक्ति बढ़ी है।
- 03चीन-उत्तर कोरिया संबंधों में बीजिंग हमेशा से सीनियर पार्टनर रहा है, लेकिन वर्तमान में स्थिति बदल रही है।
- 04दक्षिण कोरिया ने शी की यात्रा से कोरियाई प्रायद्वीप के मुद्दों को सुलझाने की उम्मीद जताई है।
- 05जापान और दक्षिण कोरिया के बीच संभावित सैन्य समझौते पर चीन की नजर है।
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चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 8 और 9 जून को उत्तर कोरिया के दौरे पर रहेंगे, जहां वे किम जोंग उन से मुलाकात करेंगे। यह यात्रा पिछले चार वर्षों में जिनपिंग की पहली उत्तर कोरिया यात्रा है, जो उनकी विदेश यात्राओं में कमी को दर्शाती है। विश्लेषकों का मानना है कि यह यात्रा चीन-उत्तर कोरिया संबंधों के महत्व को दर्शाती है, जहां उत्तर कोरिया अपने व्यापार के लिए 95 प्रतिशत तक चीन पर निर्भर है। हाल के वर्षों में, उत्तर कोरिया ने रूस को सैन्य सहायता प्रदान की है, जिससे उसकी शक्ति में वृद्धि हुई है। इससे कोरियाई प्रायद्वीप पर शक्ति संतुलन में बदलाव आ सकता है। दक्षिण कोरिया ने शी की यात्रा कोरियाई मुद्दों के समाधान में रचनात्मक भूमिका निभाने की उम्मीद जताई है। इस बीच, चीन जापान और दक्षिण कोरिया के बीच संभावित सैन्य समझौते को लेकर चिंतित है।
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शी जिनपिंग की यात्रा से कोरियाई प्रायद्वीप के मुद्दों पर बातचीत के नए अवसर खुल सकते हैं।
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