रांची में कांटाटोली-सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण धीमा, भू-अर्जन की समस्या बनी बाधा
Ranchi Flyover News: भू-अर्जन के फेर में अटका कांटाटोली-सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर, वन-वे ट्रैफिक से रेंग रही रांची
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रांची, झारखंड में कांटाटोली और सिरमटोली को जोड़ने वाले कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण भू-अर्जन और तकनीकी समस्याओं के कारण धीमी गति से चल रहा है। इस परियोजना पर लगभग 180 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, लेकिन अब तक केवल 30 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है।
- 01कांटाटोली-सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य धीमा है।
- 02परियोजना पर लगभग 180 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
- 03भू-अर्जन की समस्या के कारण निर्माण में बाधा आ रही है।
- 04फ्लाईओवर का निर्माण दिसंबर 2026 में पूरा होने का लक्ष्य है।
- 05स्थानीय लोगों को ट्रैफिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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रांची, झारखंड में कांटाटोली और सिरमटोली को जोड़ने वाले कनेक्टिंग फ्लाईओवर का निर्माण कार्य भू-अर्जन की समस्याओं और तकनीकी चुनौतियों के कारण धीमी गति से चल रहा है। इस 1.25 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर पर लगभग 180 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। वर्तमान में, पथ निर्माण विभाग द्वारा 72 पाइलिंग में से केवल 10 का कार्य पूरा किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि मंत्रालय स्तर पर उच्च स्तरीय बैठकें चल रही हैं ताकि भू-अर्जन की समस्याओं का समाधान किया जा सके। निर्माण कार्य का लक्ष्य दिसंबर 2026 तक पूरा करना है, लेकिन अब तक केवल 30 प्रतिशत काम ही पूरा हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर के निर्माण के बावजूद ट्रैफिक समस्या में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है। निर्माण कार्य के कारण कांटाटोली फ्लाईओवर के नीचे की सड़क वन-वे व्यवस्था में बदल गई है, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्यपालक अभियंता बिनोद कच्छप ने कहा कि समस्या का समाधान जल्द किया जाएगा और निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी।
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फ्लाईओवर के निर्माण में देरी के कारण स्थानीय लोगों को ट्रैफिक जाम और यात्रा में अधिक समय बिताना पड़ रहा है।
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