भारत में नेशनल हाईवे पर रीयल टाइम निगरानी के लिए AI तकनीक का उपयोग
नेशनल हाईवे और एक्सप्रेसवे की मिलेगी रीयल टाइम जानकारी, सरकार का मास्टर प्लान तैयार

Image: Jagran
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 40,000 किलोमीटर के हाईवे नेटवर्क पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित डैशकैम एनालिटिक्स सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। यह प्रणाली रीयल टाइम में सड़क की खामियों की पहचान करेगी और तुरंत समाधान प्रदान करेगी।
- 01NHAI ने 40,000 किलोमीटर के हाईवे नेटवर्क पर AI आधारित डैशकैम एनालिटिक्स सेवा शुरू की है।
- 02इस प्रणाली के तहत, रूट पेट्रोल वाहनों पर हाई रिजोल्यूशन कैमरे लगाए जाएंगे।
- 03डैशकैम 30 प्रकार की खामियों को कैप्चर करेगा, जैसे खराब सड़क और अतिक्रमण।
- 04सड़क की खामियों की पहचान के लिए पांच जोन में तकनीकी सलाहकार कंपनियों की नियुक्ति की गई है।
- 05इस प्रणाली का उद्देश्य सड़क सुरक्षा में सुधार करना और दुर्घटनाओं की संभावना को कम करना है।
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भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 40,000 किलोमीटर के राष्ट्रीय हाईवे नेटवर्क पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) आधारित डैशकैम एनालिटिक्स सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। यह तकनीक सड़क पर खामियों की पहचान रीयल टाइम में करेगी, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी। इसके लिए, हाई रिजोल्यूशन कैमरे रूट पेट्रोल वाहनों पर लगाए जाएंगे, जो साप्ताहिक पेट्रोलिंग के दौरान खामियों का डेटा एकत्र करेंगे। ये कैमरे 30 प्रकार की खामियों, जैसे खराब सड़क, अतिक्रमण और खराब रोशनी को कैप्चर करेंगे। NHAI के चेयरमैन संतोष यादव ने इस तकनीकी समाधान का विकास किया है, और इसे पांच जोन में बांटकर कार्यान्वित किया जाएगा। इस प्रक्रिया के तहत तकनीकी सलाहकार कंपनियों की नियुक्ति की गई है और मासिक सर्वेक्षण भी किए जाएंगे।
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यह प्रणाली सड़क पर खामियों की पहचान कर दुर्घटनाओं को कम करने में मदद करेगी।
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