हिम्बा जनजाति की महिलाएं सिर्फ तीन बार नहाती हैं, फिर भी खूबसूरती में बेजोड़
जिंदगी में सिर्फ 3 बार नहाती हैं ये महिलाएं, फिर भी बदन से आती है खुशबू, खूबसूरती का हर मर्द दीवाना!
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दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका के नामीबिया में रहने वाली हिम्बा जनजाति की महिलाएं जीवन में केवल तीन बार नहाती हैं, लेकिन उनकी त्वचा चमकदार और खुशबूदार रहती है। वे स्मोक बाथ और ओटजाइज लेप का उपयोग करती हैं, जो उन्हें साफ-सफाई और सुंदरता बनाए रखने में मदद करता है।
- 01हिम्बा महिलाएं जीवन में केवल तीन बार नहाती हैं: जन्म, शादी और मृत्यु के समय।
- 02वे स्मोक बाथ और ओटजाइज लेप का उपयोग करके अपनी त्वचा को साफ और सुगंधित रखती हैं।
- 03ओटजाइज लेप में मौजूद रेड ओचर के एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं।
- 04हिम्बा संस्कृति में पानी की अत्यधिक कमी के कारण महिलाएं पानी से स्नान नहीं कर सकतीं।
- 05हिम्बा महिलाएं अपनी अनोखी हेयरस्टाइल के लिए भी जानी जाती हैं, जो उनकी सामाजिक स्थिति को दर्शाती है।
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दक्षिण-पश्चिम अफ्रीका के नामीबिया में स्थित हिम्बा जनजाति की महिलाएं जीवन में केवल तीन बार नहाती हैं: जन्म के समय, शादी के दिन और मृत्यु के बाद। इसके बाद, वे पानी का उपयोग करने से बचती हैं, क्योंकि यहां पानी बहुत कीमती है। हिम्बा महिलाएं अपनी सफाई के लिए स्मोक बाथ और ओटजाइज लेप का सहारा लेती हैं। स्मोक बाथ में वे सुगंधित जड़ी-बूटियों और लकड़ी को जलाकर धुएं में बैठती हैं, जिससे उनकी त्वचा साफ होती है और दुर्गंध नहीं आती। ओटजाइज, जो लाल मिट्टी और मक्खन के मिश्रण से बनता है, उनकी त्वचा को नरम और चमकदार बनाए रखता है। यह प्राकृतिक सनस्क्रीन के रूप में भी कार्य करता है। हिम्बा महिलाओं की त्वचा और बालों का गहरा लाल रंग उनकी पारंपरिक पहचान है। यह अनोखी परंपरा सदियों पुरानी है और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
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हिम्बा जनजाति की महिलाएं पानी की कमी के बावजूद अपनी त्वचा की देखभाल करने के अनोखे तरीके अपनाती हैं, जो उनके जीवन और संस्कृति को दर्शाता है।
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