भारत में डोपिंग रोधी कानून में महत्वपूर्ण बदलाव, सप्लायरों को मिलेगी 5 साल की जेल
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में बड़े बदलाव की तैयारी, सप्लायरों को होगी 5 साल की जेल

Image: Jagran
भारत के खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में बदलाव की घोषणा की है, जिसके तहत प्रतिबंधित पदार्थों की आपूर्ति करने वालों को 5 साल की जेल हो सकती है। यह संशोधन संसद के अगले सत्र में पेश किया जाएगा और इसका उद्देश्य खिलाडि़यों की सुरक्षा और आपराधिक नेटवर्क को समाप्त करना है।
- 01खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थ देने वालों को 5 साल तक की जेल या ₹2 लाख तक का जुर्माना हो सकता है।
- 02यह संशोधन खेल मंत्रालय की वेबसाइट पर जनता से सुझावों के लिए डाला गया है।
- 03डोपिंग अब सिर्फ खेलों का उल्लंघन नहीं, बल्कि एक संगठित इकोसिस्टम बन चुका है।
- 04खिलाडि़यों से जुड़े उल्लंघन के मामले वर्तमान डोपिंग रोधी ढांचे के तहत ही रहेंगे।
- 05संशोधन का उद्देश्य अवैध आपूर्ति करने वालों और संगठित गिरोहों के खिलाफ कार्रवाई करना है।
Advertisement
In-Article Ad
भारत के खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को घोषणा की कि राष्ट्रीय डोपिंग रोधी कानून में बदलाव किया जाएगा। इस बदलाव के तहत, प्रतिबंधित पदार्थों की आपूर्ति करने वालों को 5 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान होगा। यदि कोई खिलाड़ी डोपिंग के उद्देश्य से प्रतिबंधित पदार्थ प्राप्त करता है, तो उसे भी 5 साल की कारावास या ₹2 लाख तक का जुर्माना या दोनों का सामना करना पड़ सकता है। यह संशोधन खेल मंत्रालय की वेबसाइट पर जनता से सुझावों के लिए उपलब्ध है। मांडविया ने कहा कि डोपिंग अब केवल खेलों का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह एक संगठित अपराध बन चुका है, जो खिलाडि़यों का शोषण करता है। सरकार का उद्देश्य खिलाडि़यों की सुरक्षा करना और डोपिंग से लाभ उठाने वाले आपराधिक नेटवर्क को समाप्त करना है। प्रस्तावित संशोधन से अवैध आपूर्ति करने वालों, संगठित गिरोहों, और दोषी सहयोगी स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यह संशोधन संसद के अगले सत्र में पेश किया जाएगा।
Advertisement
In-Article Ad
यह कानून बदलाव खिलाडि़यों की सुरक्षा को बढ़ाएगा और अवैध डोपिंग नेटवर्क को समाप्त करने में मदद करेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि डोपिंग रोधी कानून में बदलाव आवश्यक हैं?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





