वेदांता का डिमर्जर: कंपनी पांच हिस्सों में बंटी, म्युचुअल फंड्स में बदलाव
Vedanta Demerger: 5 हिस्सों में बंटी वेदांता, म्युचुअल फंड्स ने शुरू की बड़ी रीबैलेंसिंग
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अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड अब पांच अलग-अलग कंपनियों में बंट रही है, जिसकी रिकॉर्ड डेट 1 मई 2026 है। इस बदलाव के चलते म्युचुअल फंड्स को अपने पोर्टफोलियो में रीबैलेंसिंग करनी पड़ रही है, जिससे निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स में वेदांता का वेटेज घटकर 2.3 प्रतिशत रह गया है।
- 01वेदांता लिमिटेड का डिमर्जर 1 मई 2026 को प्रभावी होगा।
- 02निफ्टी नेक्स्ट 50 में वेदांता का वेटेज घटकर 2.3 प्रतिशत रह गया है।
- 03म्युचुअल फंड्स को अपने पोर्टफोलियो में बदलाव करने की आवश्यकता है।
- 04नए बिजनेस की लिस्टिंग में 4 से 8 हफ्ते का समय लगेगा।
- 05फंड मैनेजर्स अब अलग-अलग बिजनेस पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
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अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता लिमिटेड अब पांच अलग-अलग कंपनियों में बंट रही है, जिसमें वेदांता एल्यूमिनियम, पावर, ऑयल एंड गैस, और आयरन एंड स्टील शामिल हैं। इसका डिमर्जर 1 मई 2026 को प्रभावी होगा। इस बदलाव से निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स में वेदांता का वेटेज 5.2 प्रतिशत से घटकर 2.3 प्रतिशत रह गया है। इससे म्युचुअल फंड्स को अपने पोर्टफोलियो में तकनीकी कारणों से 'मेकैनिकल सेलिंग' करनी पड़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बिकवाली का बड़ा हिस्सा पहले ही बाजार में समायोजित हो चुका है। नए बिजनेस की लिस्टिंग में 4 से 8 हफ्ते का समय लगेगा, और इस दौरान इन कंपनियों को 'डमी स्टॉक' के रूप में देखा जाएगा। फंड मैनेजर्स अब हर बिजनेस को अलग-अलग देखने की योजना बना रहे हैं, जिससे निवेश के निर्णय अधिक स्पष्ट होंगे। सोनम श्रीवास्तव ने बताया कि वेदांता एल्यूमिनियम के शेयर की कीमत 400 रुपये से अधिक होने की संभावना है।
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वेदांता का डिमर्जर निवेशकों के लिए नए अवसरों का निर्माण करेगा, जबकि म्युचुअल फंड्स को अपने पोर्टफोलियो को संतुलित करने की आवश्यकता होगी।
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