बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों की वापसी, डिटेंशन सेंटर सक्रिय
'जब सरकार ही बदल गई तो रुक कर क्या करेंगे...,' बंगाल में डिटेंशन सेंटर एक्टिव होते ही लौटने लगे बांग्लादेशी घुसपैठिये

Image: Zee News
पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों की वापसी शुरू हो गई है, क्योंकि डिटेंशन सेंटर सक्रिय हो गए हैं। शुभेंदु अधिकारी ने घुसपैठियों को चेतावनी दी है कि वे राज्य छोड़ दें। इस प्रक्रिया के तहत घुसपैठियों की पहचान और उन्हें देश से बाहर निकालने की योजना बनाई गई है।
- 01शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेशी घुसपैठियों को चेतावनी दी कि वे पश्चिम बंगाल छोड़ दें।
- 02मालदा और मुर्शिदाबाद में डिटेंशन सेंटर सक्रिय हो गए हैं, जहां संदिग्ध घुसपैठियों को रखा गया है।
- 03डिटेंशन सेंटर में 9 संदिग्ध घुसपैठियों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें महिलाएं और नाबालिग शामिल हैं।
- 04शुभेंदु अधिकारी ने घुसपैठियों को निकालने के लिए 3D फॉर्मूला लागू किया है: पहचान, नाम हटाना, और डिपोर्ट करना।
- 05केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी ने अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने का समर्थन किया है।
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पश्चिम बंगाल में बांग्लादेशी घुसपैठियों की वापसी की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है, क्योंकि मालदा और मुर्शिदाबाद में डिटेंशन सेंटर सक्रिय हो गए हैं। शुभेंदु अधिकारी (पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री) ने घुसपैठियों को चेतावनी दी है कि वे राज्य छोड़ दें, यह कहते हुए कि सरकार बदल गई है। डिटेंशन सेंटर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जहां 9 संदिग्ध घुसपैठियों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारी ने घुसपैठियों को निकालने के लिए एक 3D फॉर्मूला लागू किया है, जिसमें पहचान करना, सरकारी रिकॉर्ड से नाम हटाना और उन्हें देश से बाहर निकालना शामिल है। इस प्रक्रिया के तहत, घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और शुभेंदु अधिकारी ने इस नीति का समर्थन किया है, यह कहते हुए कि अवैध घुसपैठियों को वापस भेजने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
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बांग्लादेशी घुसपैठियों की वापसी से पश्चिम बंगाल में सुरक्षा स्थिति में सुधार हो सकता है।
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