दिल्ली हाई कोर्ट ने दुष्कर्म के दोषी की सजा निलंबन याचिका खारिज की
मां की बीमारी का बहाना बनाकर सजा निलंबन की मांग, दुष्कर्म के दोषी पर हाई कोर्ट ने लगाया जुर्माना
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दिल्ली हाई कोर्ट ने नाबालिग के दुष्कर्म के दोषी राजन की सजा निलंबन की याचिका को खारिज करते हुए 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत ने कहा कि दोषी ने मां की बीमारी का हवाला देकर बार-बार याचिका दायर की, जो अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग है।
- 01दिल्ली हाई कोर्ट ने दुष्कर्म के दोषी की सजा निलंबन याचिका खारिज की।
- 02याचिका खारिज करते हुए 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
- 03दोषी ने मां की बीमारी का हवाला देकर बार-बार याचिका दायर की।
- 04अदालत ने कहा कि यह प्रक्रिया का दुरुपयोग है।
- 05दोषी ने कभी समय पर आत्मसमर्पण नहीं किया।
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दिल्ली हाई कोर्ट ने नाबालिग के दुष्कर्म का दोषी करार दिए गए राजन की सजा निलंबन की याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति चंद्रशेखरन सुधा की पीठ ने कहा कि राजन ने बार-बार अपनी मां की बीमारी का हवाला देकर सजा निलंबन की मांग की, जो स्पष्ट रूप से अदालत की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। अदालत ने उसे 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया और निर्देश दिया कि यह राशि चार सप्ताह के भीतर दिल्ली हाई कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के पास जमा कराई जाए। रिकॉर्ड पर यह भी सामने आया कि राजन ने कभी भी अदालत द्वारा दिए गए समय पर आत्मसमर्पण नहीं किया और उसकी मां की बीमारी का हवाला देकर दी गई जमानत भी संदिग्ध है।
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इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि अदालत दुष्कर्म जैसे गंभीर अपराधों के प्रति सख्त है और ऐसे मामलों में दोषियों को कोई सहानुभूति नहीं दी जाएगी।
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