गुरुग्राम में नकली माउनजारो इंजेक्शन का मामला: आरोपित ने बनाया 'टोनअप' ब्रांड
माउनजारो का इंजेक्शन, 'टोनअप' का लेबल और वजन घटाने का झांसा; खुद का ब्रांड 'टोनअप' बना रहा था आरोपित
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गुरुग्राम के अवि शर्मा ने नकली माउनजारो इंजेक्शन बनाने और बेचने का आरोप स्वीकार किया है। उसने 'टोनअप' नाम से अपना ब्रांड तैयार किया था और चार इंजेक्शन मुंबई में बेचे थे। जिला औषधि नियंत्रण विभाग ने सभी इंजेक्शन जब्त कर लिए हैं।
- 01अवि शर्मा ने नकली माउनजारो इंजेक्शन बनाने का काम किया।
- 02उसने 'टोनअप' नाम से नया ब्रांड विकसित किया।
- 03इंजेक्शन की बिक्री में भारी छूट दी जा रही थी।
- 04इंडियामार्ट ने अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया है।
- 05जांच में पाया गया कि अवि शर्मा स्वयं इंजेक्शन तैयार कर रहा था।
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गुरुग्राम में नकली माउनजारो इंजेक्शन बेचने के मामले में अवि शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। उसने 'टोनअप' नाम से अपना ब्रांड तैयार किया था और चार इंजेक्शन मुंबई में बेचे थे। जिला औषधि नियंत्रण विभाग ने सभी इंजेक्शन जब्त कर लिए हैं। शर्मा ने बिना लाइसेंस के इंजेक्शन बनाने का काम किया और माउनजारो इंजेक्शन की कीमत पर अपने टोनअप इंजेक्शन बेचे। असली माउनजारो इंजेक्शन की कीमत 27-28 रुपये है, जबकि शर्मा ने नकली इंजेक्शन 10,000 रुपये में बेचे। इंडियामार्ट ने इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से इनकार किया है, यह कहते हुए कि विक्रेता और खरीदार स्वयं जिम्मेदार हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि शर्मा ने इंजेक्शन बनाने के लिए कच्चा माल चीन से मंगवाया था। जिला औषधि नियंत्रण अधिकारी अमनदीप चौहान ने चेतावनी दी है कि जो लोग इन इंजेक्शनों का उपयोग कर चुके हैं, उन्हें तुरंत वापस लौटा देना चाहिए क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है।
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इस मामले से स्थानीय लोगों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर खतरा है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्होंने नकली इंजेक्शन खरीदे हैं।
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