पीएम इंटर्नशिप योजना में बिहार का कमजोर रिस्पॉन्स: केवल 4025 युवाओं ने स्वीकारे ऑफर
पीएम इंटर्नशिप योजना: 80 हजार आवेदन के बावजूद सिर्फ 4025 ने ऑफर स्वीकारे, बिहार में क्यों फीका रहा रिस्पॉन्स?
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भारत सरकार की पीएम इंटर्नशिप योजना में बिहार से 80,731 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन केवल 4025 युवाओं ने ही ऑफर स्वीकार किया। योजना में स्टाइपेंड बढ़ाने और बीमा जैसी सुविधाओं के बावजूद, नौकरी की लोकेशन और रुचि की कमी जैसे कारणों से युवाओं का रिस्पॉन्स कमजोर रहा।
- 01बिहार में पीएम इंटर्नशिप योजना के तहत 80,731 आवेदन आए, लेकिन केवल 4025 ने स्वीकारे ऑफर।
- 02योजना में स्टाइपेंड को 5000 रुपये से बढ़ाकर 9000 रुपये किया गया है।
- 03नौकरी की लोकेशन और 12 महीने की इंटर्नशिप अवधि युवाओं के लिए बाधा बनी।
- 04सरकार ने योजना में संशोधन किए हैं, जिससे भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है।
- 05औद्योगिक माहौल की कमी के कारण इंटर्नशिप के अवसर सीमित हैं।
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भारत सरकार की पीएम इंटर्नशिप योजना अब तीसरे चरण में पहुँच चुकी है, जिसमें युवाओं को आकर्षित करने के लिए स्टाइपेंड बढ़ाकर 9000 रुपये और बीमा जैसी सुविधाएँ प्रदान की गई हैं। हालांकि, बिहार में इस योजना को अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिली है। कुल 80,731 आवेदन प्राप्त हुए, लेकिन केवल 4025 युवाओं ने ऑफर स्वीकार किया। कंपनियों द्वारा दिए गए ऑफर की संख्या भी सीमित रही, जिससे चयन के अवसर कम हो गए। नौकरी की लोकेशन, जो कि अधिकांश युवाओं के लिए 5 से 10 किलोमीटर के दायरे में है, और इंटर्नशिप की लंबी अवधि जैसे कारक भी युवाओं की रुचि में कमी का कारण बने। सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के बाद उम्मीद है कि आने वाले चरणों में अधिक युवा इस योजना में भाग लेंगे।
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यदि योजना में सुधार होता है, तो अधिक युवा इंटर्नशिप के अवसरों का लाभ उठा सकेंगे, जिससे उनकी पेशेवर विकास में मदद मिलेगी।
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