CBSE के प्रिंसिपलों को ऑन-स्क्रीन मार्किंग के समर्थन में बयान देने का निर्देश
तारीफ भी 'जरूरी'! क्या CBSE के दबाव में ऑन-स्क्रीन मार्किंग को 'बेस्ट' कह रहे हैं प्रिंसिपल?

Image: Ndtv
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने स्कूल प्रिंसिपलों को ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के समर्थन में बयान देने के लिए कहा है। छात्रों की शिकायतें हैं कि इस प्रणाली के कारण उनके अंक कम आए हैं। एक छात्र ने दावा किया कि उसे किसी अन्य छात्र की आंसर शीट मिली।
- 01CBSE ने प्रिंसिपलों को OSM के समर्थन में सकारात्मक बयान देने का निर्देश दिया है।
- 0212वीं कक्षा की कॉपियों की जांच OSM प्रणाली के जरिए की गई है, जिसके कारण कई छात्रों को कम अंक मिले हैं।
- 03जयपुर के एक स्कूल ने OSM की तारीफ करते हुए वीडियो पोस्ट किया, जिसे बाद में हटा दिया गया।
- 0418.57 लाख छात्रों ने 12वीं की परीक्षा दी, जिनमें से 4.06 लाख ने आंसर शीट की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया।
- 05एक छात्र ने दावा किया कि उसे किसी अन्य छात्र की आंसर शीट मिली थी, जिसे CBSE ने बाद में सही किया।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने क्षेत्रीय अधिकारियों के माध्यम से स्कूल प्रिंसिपलों को निर्देश दिया है कि वे ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली के समर्थन में बयान दें। इस बार 12वीं कक्षा की कॉपियों की जांच OSM प्रणाली के तहत की गई है, जिससे कई छात्रों ने असंतोष व्यक्त किया है। छात्रों का कहना है कि इस प्रणाली के कारण उनके अंक कम आए हैं। एक छात्र ने यह भी दावा किया कि उसे किसी अन्य छात्र की आंसर शीट मिली, जिसे CBSE ने बाद में सही किया। CBSE ने प्रिंसिपलों से कहा है कि वे छात्रों को OSM को एक बड़ा सुधार बताएं और इसके बारे में सकारात्मक संदेश दें। जयपुर के PM श्री स्कूल ने इस प्रणाली की तारीफ करते हुए वीडियो पोस्ट किया, लेकिन इसे बाद में हटा दिया गया। कुल मिलाकर, 18.57 लाख छात्रों ने इस वर्ष 12वीं की परीक्षा दी, जिनमें से 4.06 लाख ने अपनी आंसर शीट की स्कैन कॉपी के लिए आवेदन किया है।
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छात्रों के अंक कम आने से उनकी शैक्षणिक प्रगति प्रभावित हो सकती है।
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