यूपी के मौलानाओं की गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग
गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की यूपी के मौलानाओं ने क्यों की मांग? सड़क पर नमाज को लेकर भी बोले
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कोलकाता हाईकोर्ट के निर्णय के बाद, उत्तर प्रदेश के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बकरीद पर गाय की कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाने की अपील की है। उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की, साथ ही त्योहार के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
- 01कोलकाता हाईकोर्ट ने गाय की कुर्बानी को इस्लाम का अनिवार्य हिस्सा नहीं माना है।
- 02मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग की है।
- 03कुर्बानी केवल उन्हीं जानवरों की होनी चाहिए जो कानून में अनुमति प्राप्त हैं।
- 04सड़क पर नमाज अदा न करने की सलाह दी गई है ताकि आम जनता को परेशानी न हो।
- 05आल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल ला बोर्ड की अध्यक्ष ने भी गाय की कुर्बानी से बचने का आग्रह किया है।
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कोलकाता हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि गाय की कुर्बानी ईद का हिस्सा नहीं है, जिसके बाद उत्तर प्रदेश के मुस्लिम धर्मगुरुओं ने बकरीद पर गाय की कुर्बानी पर प्रतिबंध लगाने की अपील की है। शिया धर्म गुरु मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने कहा कि कुर्बानी केवल उन्हीं जानवरों की होनी चाहिए जिनकी अनुमति है। उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने और गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। उनका कहना है कि गाय की कुर्बानी इस्लाम की शिक्षाओं के खिलाफ है और इससे सामाजिक तनाव पैदा हो सकता है। सुन्नी धर्म गुरु मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने भी कुर्बानी के दौरान कानून का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्योहार के दौरान सामाजिक सौहार्द बनाए रखना महत्वपूर्ण है और सभी को प्रशासन के नियमों का पालन करना चाहिए। आल इंडिया मुस्लिम महिला पर्सनल ला बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर ने भी गाय की कुर्बानी से बचने की सलाह दी है।
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इस मांग से समाज में धार्मिक सद्भाव और भाईचारा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जिससे सभी समुदायों के बीच बेहतर संबंध स्थापित हो सकें।
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