दिल्ली HC ने एयरमैन की बर्खास्तगी को दी मंजूरी, सोशल मीडिया पर शिकायतें गंभीर दुराचार
सेना की वर्दी में सोशल मीडिया पर शिकायत पोस्ट करना गंभीर दुराचार, दिल्ली HC ने एयरमैन की बर्खास्तगी को दी मंजूरी

Image: Jagran
दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय वायु सेना के एक एयरमैन की बर्खास्तगी को सही ठहराया, जिसने सोशल मीडिया पर सेवा से जुड़ी शिकायतें पोस्ट की थीं। अदालत ने इसे सैन्य अनुशासन के लिए हानिकारक बताया, जिससे वायुसेना की छवि प्रभावित होती है।
- 01दिल्ली HC ने एयरमैन सचिन कुमार सोलंकी की याचिका को खारिज किया, जिसने बर्खास्तगी को चुनौती दी थी।
- 02एयरमैन ने फेसबुक पर अधिकारियों और जवानों के बीच भेदभाव के आरोप लगाए थे।
- 03वायुसेना ने अनुशासनहीनता के लिए एयरमैन को नौकरी से हटाने का निर्णय लिया था।
- 04कोर्ट ने कहा कि सैन्य अनुशासन से जुड़े मामलों में न्यायिक समीक्षा का दायरा सीमित होता है।
- 05याचिकाकर्ता की दलील को ठुकराते हुए अदालत ने प्रशासनिक कार्रवाई को सही ठहराया।
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दिल्ली उच्च न्यायालय ने भारतीय वायु सेना के एयरमैन सचिन कुमार सोलंकी की बर्खास्तगी को सही ठहराते हुए कहा कि सैन्य कर्मियों द्वारा सोशल मीडिया पर सेवा से जुड़ी शिकायतें करना गंभीर दुराचार है। न्यायमूर्ति अनिल क्षत्रपाल और न्यायमूर्ति अमित महाजन की पीठ ने कहा कि इस प्रकार की शिकायतें सैन्य अनुशासन के लिए हानिकारक होती हैं। सोलंकी ने 2017 में फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें उसने अधिकारियों और जवानों के बीच भेदभाव का आरोप लगाया था। वायुसेना ने अनुशासनहीनता के आरोप में उसे नौकरी से हटाने का निर्णय लिया था, जिसे आर्म्ड फोर्सेस ट्रिब्यूनल ने भी सही ठहराया था। अदालत ने कहा कि सैन्य अनुशासन से जुड़े मामलों में न्यायिक हस्तक्षेप का दायरा सीमित है और प्रशासनिक कार्रवाई को उचित ठहराया।
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इस निर्णय से भारतीय वायु सेना के कर्मियों को सोशल मीडिया पर अपनी शिकायतें सार्वजनिक करने में सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
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