61 वर्षीय बुज़ुर्ग ने गले के कैंसर को मात दी, डॉक्टरों ने साझा किया सफल इलाज का अनुभव
61 वर्षीय बुज़ुर्ग ने दी गले के कैंसर को मात, बस रखा इन बातों का ध्यान और बच गई ज़िन्दगी, डॉक्टर ने शेयर किया इलाज

Image: News 18 Hindi
मेरठ के 61 वर्षीय व्यक्ति ने गले में गांठ की समय पर पहचान कर कैंसर का सफल इलाज करवाया। डॉक्टरों ने बताया कि तंबाकू कैंसर का प्रमुख कारण है और समय पर स्क्रीनिंग से इलाज के परिणाम बेहतर हो सकते हैं।
- 0161 वर्षीय मरीज को गले के कैंसर का पता स्नान करते समय गले में गांठ महसूस होने पर चला।
- 02उन्हें कीमोरेडियोथेरेपी और बाद में सैल्वेज सर्जरी से इलाज किया गया।
- 03डॉक्टरों ने बताया कि तंबाकू का सेवन गले और मुंह के कैंसर का प्रमुख कारण है।
- 04मल्टीडिसिप्लिनरी ट्रीटमेंट ने जटिल मामलों में बेहतर परिणाम दिए।
- 05डॉक्टरों ने तंबाकू से बचने और शुरुआती चेतावनी संकेतों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी।
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मेरठ में रहने वाले 61 वर्षीय एक व्यक्ति ने गले में गांठ की समय पर पहचान की और जांच के बाद गले के कैंसर का पता चला। उन्होंने आठ से नौ महीने तक इलाज कराया, जिसमें कीमोरेडियोथेरेपी और सैल्वेज सर्जरी शामिल थी। डॉक्टरों के अनुसार, तंबाकू मुंह, गले और स्वरयंत्र के कैंसर का प्रमुख कारण है। प्रारंभिक लक्षणों की पहचान और समय पर उपचार से कैंसर के इलाज में सफलता मिल सकती है। इस मामले में, मल्टीडिसिप्लिनरी टीम ने जटिल सर्जरी के जरिए कैंसर प्रभावित लिम्फ नोड्स को सफलतापूर्वक हटाया। डॉक्टरों ने तंबाकू सेवन से बचने और कैंसर के शुरुआती लक्षणों के प्रति जागरूक रहने की अपील की है, जिससे इलाज के परिणाम बेहतर हो सकते हैं।
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इस मामले ने स्थानीय समुदाय में कैंसर की पहचान और उपचार के महत्व को उजागर किया है।
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