मुंबई: 12 साल जेल में बिताने के बाद गैंगरेप के आरोपी को बाइज्जत बरी किया गया
मुंबई: 12 साल जेल काटने के बाद गैंगरेप का आरोपी बाइज्जत बरी
Aaj Tak
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मुंबई की दिंडोशी सेशंस कोर्ट ने एक 35 वर्षीय व्यक्ति को 12 साल पुराने गैंगरेप मामले में बाइज्जत बरी कर दिया। कोर्ट ने पुलिस की जांच और पीड़िता के बयानों में गंभीर खामियों के आधार पर यह निर्णय लिया। पीड़िता की उम्र और FIR दर्ज कराने में हुई देरी पर भी सवाल उठाए गए।
- 01कोर्ट ने आरोपी को 12 साल बाद बाइज्जत बरी किया।
- 02पुलिस जांच और पीड़िता के बयानों में गंभीर खामियां पाई गईं।
- 03FIR दर्ज करने में हुई देरी पर सवाल उठाए गए।
- 04हाइमन में चोट के आधार पर शारीरिक संबंध साबित नहीं हो सकते।
- 05आरोपी ने खुद को बेकसूर बताया और झूठा फंसाने का आरोप लगाया।
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मुंबई की दिंडोशी सेशंस कोर्ट ने एक 35 वर्षीय व्यक्ति को 12 साल पुराने गैंगरेप और POCSO एक्ट के मामले में बाइज्जत बरी कर दिया। आरोपी पिछले एक दशक से जेल में था। कोर्ट ने अपने फैसले में पुलिस की जांच और पीड़िता के बयानों में मौजूद गंभीर खामियों को आधार बनाया। यह मामला 2 नवंबर 2014 को एक विधवा महिला द्वारा दर्ज कराया गया था, जिसमें उसकी 11 साल की बेटी ने पड़ोसियों द्वारा शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था। कोर्ट ने पाया कि FIR दर्ज करने में अत्यधिक देरी हुई और पीड़िता की उम्र भी सही तरीके से रिकॉर्ड नहीं की गई। इसके अलावा, मेडिकल रिपोर्ट में हाइमन में चोट के निशान पाए जाने के बावजूद, कोर्ट ने कहा कि यह साबित नहीं करता कि शारीरिक संबंध बनाए गए थे।
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इस फैसले से उन मामलों में न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठता है, जहां पीड़ितों के बयानों में खामियां होती हैं।
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