दरभंगा में 85,000 प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शुरू
दरभंगा में 85 हजार से अधिक प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण पूरा, अब डिजिटलीकरण
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दरभंगा, बिहार में ज्ञान भारतम् मिशन के तहत 75 वर्ष से अधिक पुरानी 85,459 पांडुलिपियों का सर्वेक्षण पूरा किया गया है। जिला प्रशासन ने इन पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित किया जा सके।
- 0185,459 प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया गया है।
- 02ज्ञान भारतम् मिशन के तहत डिजिटलीकरण का कार्य चल रहा है।
- 03जिलाधिकारी ने पांडुलिपियों की खोज के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया है।
- 04पांडुलिपियों का संरक्षण और दस्तावेजीकरण किया जाएगा।
- 05यह मिशन 2025-26 के केंद्रीय बजट के अंतर्गत एक करोड़ प्राचीन दस्तावेजों के संरक्षण पर केंद्रित है।
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ज्ञान भारतम् मिशन के तहत दरभंगा, बिहार में 75 वर्ष से अधिक पुरानी पांडुलिपियों का सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण तेजी से किया जा रहा है। अब तक 85,459 पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया गया है, जिनमें लक्ष्मेश्वर पब्लिक लाइब्रेरी, कल्याणी फाउंडेशन और कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय प्रमुख केंद्र हैं। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों, मंदिरों और मठों से पुरानी पांडुलिपियों को खोजने की अपील की है। सर्वेक्षण के बाद इन पांडुलिपियों का वैज्ञानिक संरक्षण, दस्तावेजीकरण और ज्ञान भारतम् पोर्टल पर अपलोडिंग किया जाएगा। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने पांडुलिपियों की खोज के लिए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देशित किया है। यह मिशन 2025-26 के केंद्रीय बजट के अंतर्गत भारत के एक करोड़ से अधिक प्राचीन दस्तावेजों को संरक्षित करने की एक बड़ी पहल है।
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इस मिशन से दरभंगा और मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी, जिससे स्थानीय समुदाय को अपनी सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने का अवसर मिलेगा।
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