पेट्रोल-डीजल की कीमतों में संभावित वृद्धि से बढ़ी चिंता
पेट्रोल-डीजल 12 रुपये तक महंगा हो सकता है? रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि की संभावना बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति बनी रहती है, तो चुनावों के बाद कीमतों में 10 से 12 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
- 01पश्चिम एशिया में तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।
- 02विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावों के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10 से 12 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है।
- 03सरकार ने फिलहाल कीमतें स्थिर रखने का निर्णय लिया है।
- 04अगर कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहीं, तो कीमतों में 25 से 28 रुपये की बढ़ोतरी की आवश्यकता हो सकती है।
- 05तेल कंपनियों को अभी भी प्रति लीटर 20 रुपये का घाटा हो रहा है।
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, जिससे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, सरकार ने फिलहाल कीमतें न बढ़ाने का निर्णय लिया है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो चुनावों के बाद कीमतों में 10 से 12 रुपये तक की बढ़ोतरी संभव है। बाजार पहले से ही 5 से 6 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के लिए तैयार है, लेकिन अचानक 10 से 12 रुपये की बढ़ोतरी से बाजार की धारणा कमजोर हो सकती है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के विश्लेषकों का कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी रहती है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 25 से 28 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की आवश्यकता होगी। तेल कंपनियों को अभी भी घाटा झेलना पड़ रहा है, जिससे उनकी कमाई पर दबाव बना हुआ है।
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यदि पेट्रोल और डीजल की कीमतें बढ़ती हैं, तो यह आम लोगों के लिए परिवहन लागत को बढ़ा सकती है, जिससे दैनिक जीवन पर असर पड़ेगा।
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