पेसमेकर घोटाले की जांच में तेजी, 200 मौतों के आरोपों की होगी पड़ताल
पेसमेकर घोटाले का अब आएगा सच! नकली पेसमेकर और 200 मौतों की होगी जांच, सैफई मेडिकल कॉलेज का घोटाला
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उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में हुए पेसमेकर घोटाले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस घोटाले में नकली पेसमेकर लगाने और 200 से अधिक मौतों के आरोप हैं। मुख्य आरोपी डॉक्टर समीर सर्राफ को बर्खास्त कर दिया गया है।
- 01सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में पेसमेकर घोटाले की जांच शुरू हुई।
- 02200 से अधिक मौतों का आरोप, मुख्य आरोपी डॉक्टर समीर सर्राफ को बर्खास्त किया गया।
- 03जांच में 600 से अधिक मरीजों को नकली पेसमेकर लगाने का मामला सामने आया।
- 04एसआईटी में मेडिकल और तकनीकी विशेषज्ञ शामिल हैं।
- 05पेसमेकर की आपूर्ति करने वाली सप्लाई चेन की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई।
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उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में हुए पेसमेकर घोटाले की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। इस घोटाले में आरोप है कि 2017 से 2021 के बीच 600 से अधिक मरीजों को नकली पेसमेकर लगाए गए, जिससे 200 से अधिक मौतें हुईं। मुख्य आरोपी डॉक्टर समीर सर्राफ को 2024 में बर्खास्त कर दिया गया है और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। शासन के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। इस दल में सीओ सैफई केपी सिंह और क्राइम ब्रांच के निरीक्षक सहित यूनिवर्सिटी के कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर भी शामिल हैं, ताकि मेडिकल और तकनीकी पहलुओं की संयुक्त जांच की जा सके। जांच में यह भी सामने आया है कि मरीजों को उच्च गुणवत्ता के पेसमेकर बताकर निम्न गुणवत्ता के पेसमेकर लगाए गए और निर्धारित दर से कई गुना अधिक वसूली की गई।
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इस घोटाले की जांच से प्रभावित मरीजों और उनके परिवारों को न्याय मिलने की उम्मीद है।
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