शिक्षक परिवार की पहल से बंजर भूमि पर हरियाली का आगाज़
Aligarh News: शिक्षक परिवार की मुहिम रंग लाई, बंजर भूमि पर हरियाली लहराई

Image: Amar Ujala
चंडौस क्षेत्र के नगला पदम में एक शिक्षक परिवार ने 25 वर्षों में 80 बीघा बंजर भूमि पर 1000 फल और फूल वाले पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य किया है। डॉ. अमित चौहान और उनका परिवार इस मुहिम के माध्यम से स्थानीय लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
- 01डॉ. अमित चौहान प्राथमिक विद्यालय नगला पदम के प्रधानाध्यापक हैं और पर्यावरण संवर्धन में पीएचडी की है।
- 02परिवार ने 80 बीघा जमीन पर 1000 से अधिक फलदार और छायादार वृक्षों का रोपण किया है।
- 03इस मुहिम के तहत पौधों की सुरक्षा के लिए तारबंदी और सिंचाई की व्यवस्था की गई है।
- 04डॉ. चौहान को इंदिरा प्रियदर्शिनी वृक्ष मित्र पुरस्कार और अन्य पर्यावरण सम्मान मिलने की संभावना है।
- 05परिवार का मानना है कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम दो पौधे लगाना चाहिए।
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चंडौस क्षेत्र के नगला पदम में एक शिक्षक परिवार ने पिछले 25 वर्षों में 80 बीघा बंजर भूमि पर लगभग 1000 फल और फूल वाले पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का एक महत्वपूर्ण कार्य किया है। इस परिवार के सदस्य, जिनमें डॉ. अमित चौहान (प्रधानाध्यापक) और उनकी पत्नी उमा चौहान शामिल हैं, ने मिलकर इस मुहिम को जन आंदोलन का रूप दिया है। डॉ. चौहान ने चंद्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर से पर्यावरण संवर्धन में पीएचडी की है। परिवार का मानना है कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम दो पौधे लगाना चाहिए और उनकी देखभाल करनी चाहिए। उनके प्रयासों के फलस्वरूप नगला पदम की बंजर भूमि हरित क्षेत्र में परिवर्तित हो गई है, जो जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। इस कार्य के लिए डॉ. चौहान को विभिन्न पर्यावरण पुरस्कारों के लिए एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
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इस मुहिम से नगला पदम की बंजर भूमि हरित क्षेत्र में परिवर्तित हो गई है, जो स्थानीय जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन में मदद कर रही है।
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