मद्रास हाई कोर्ट ने VIP दर्शन पर उठाए सवाल, सभी भक्तों को समान माना
'भगवान मंत्रियों का इंतजार नहीं करते, उनके लिए सब बराबर, मद्रास HC ने मंदिरों में VIP दर्शन पर उठाए सवाल
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Image: Jagran
मद्रास हाई कोर्ट ने हिंदू मंदिरों में VIP दर्शन को भेदभावपूर्ण बताया, यह कहते हुए कि भगवान की नजर में सभी भक्त समान हैं। अदालत ने सरकार के तर्क को खारिज किया कि VIP दर्शन बंद करने से मंदिरों को राजस्व का नुकसान होगा।
- 01मद्रास हाई कोर्ट ने VIP दर्शन को भेदभावपूर्ण और गलत बताया।
- 02कोर्ट ने कहा कि चर्च और मस्जिदों में ऐसी प्रथा नहीं है, इसलिए मंदिरों में भी नहीं होनी चाहिए।
- 03अदालत ने सरकार के तर्क को खारिज किया कि VIP दर्शन बंद करने से मंदिरों का राजस्व प्रभावित होगा।
- 04जनहित याचिका में VIP दर्शन को समाप्त करने की मांग की गई थी, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को छूट दी गई है।
- 05कोर्ट ने मंत्रियों को चेतावनी दी कि उन्हें यह नहीं सोचना चाहिए कि वे कानून से ऊपर हैं।
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मद्रास हाई कोर्ट ने हाल ही में हिंदू मंदिरों में VIP दर्शन की प्रथा को भेदभावपूर्ण और अनुचित करार दिया है। न्यायाधीश जी.आर. स्वामीनाथन और वी. लक्ष्मीनारायणन की बेंच ने कहा कि भगवान की दृष्टि में सभी भक्त समान हैं और VIP दर्शन की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए। अदालत ने यह भी कहा कि चर्च और मस्जिदों में ऐसी प्रथाएं नहीं हैं, इसलिए मंदिरों में भी नहीं होनी चाहिए। सरकार का तर्क कि VIP दर्शन बंद करने से मंदिरों को राजस्व का नुकसान होगा, अदालत ने खारिज कर दिया। यह मामला एक जनहित याचिका पर आधारित है, जिसमें VIP दर्शन को समाप्त करने की मांग की गई थी, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को छूट दी गई है। अदालत ने यह भी कहा कि मंत्रियों को यह नहीं सोचना चाहिए कि वे किसी विशेष अधिकार के साथ मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं।
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इस निर्णय से मंदिरों में VIP दर्शन की प्रथा समाप्त होने की संभावना है, जिससे सभी भक्तों को समान अवसर मिल सकेगा।
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