गोरखपुर विश्वविद्यालय में पेड़ों की कटाई पर रोक, जांच के आदेश
Gorakhpur News: प्रदर्शन-हंगामे के बाद डीडीयू में पेड़ों की कटाई पर रोक, जांच के आदेश
Amar Ujala
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद 2000 से अधिक पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी गई है। कुलपति प्रो. पूनम टंडन की पहल पर वन विभाग ने जांच पूरी होने तक कटाई पर रोक का आदेश दिया। छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण की मांग की है।
- 01छात्र संगठनों ने 2000 से अधिक पेड़ों की कटाई के खिलाफ प्रदर्शन किया।
- 02अभाविप ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर कटाई पर रोक लगाने की मांग की।
- 03वन विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं और कटाई पर रोक लगाई है।
- 04अभाविप के मंत्री अरविंद मिश्र ने कहा कि कटाई से पारिस्थितिक संतुलन पर आघात होगा।
- 05प्रदर्शन में अभाविप के कई छात्र नेता शामिल हुए।
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गोरखपुर, उत्तर प्रदेश में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बाद, 2000 से अधिक पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी गई है। छात्र संगठनों, विशेषकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप), ने इस मुद्दे को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमों का उल्लंघन करते हुए पेड़ों की कटाई की अनुमति दी थी। प्रदर्शन के दौरान कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने छात्रों को आश्वासन दिया कि मामले की जांच की जाएगी। इसके बाद वन विभाग ने जांच पूरी होने तक पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने का आदेश दिया। अभाविप के मंत्री अरविंद मिश्र ने कहा कि इस कटाई से न केवल पर्यावरण संरक्षण की भावना को चोट पहुंची है, बल्कि यह विश्वविद्यालय की प्राकृतिक पहचान और पारिस्थितिक संतुलन पर भी नकारात्मक प्रभाव डालेगा। छात्रों ने मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और कटाई से हुई पर्यावरणीय क्षति की भरपाई के लिए पौधरोपण किया जाए।
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इस निर्णय से विश्वविद्यालय परिसर में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और छात्रों की आवाज को मान्यता मिलेगी।
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