ओडिशा में पुलिस हिरासत में युवक की मौत पर कार्रवाई, थाना प्रभारी निलंबित
ओडिशा में पुलिस कस्टडी में हुई थी मौत, डाबुगांव थाना प्रभारी सस्पेंड; DGP ने लिया एक्शन
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Image: Jagran
ओडिशा के नबरंगपुर जिले में पुलिस हिरासत में 26 वर्षीय पूर्णा कलर की मौत के मामले में डाबुगांव थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस महानिदेशक ने यह कार्रवाई कर्तव्य में लापरवाही और घोर कदाचार के आरोपों के चलते की, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
- 01डाबुगांव पुलिस थाना प्रभारी को निलंबित किया गया है।
- 02पूर्णा कलर की मौत 29 अप्रैल को पुलिस हिरासत में हुई।
- 03परिजनों ने पुलिस के आत्महत्या के दावे को खारिज किया है।
- 04मानवाधिकार आयोग ने मामले में संज्ञान लिया है।
- 05पुलिस हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
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ओडिशा के नबरंगपुर जिले में 26 वर्षीय पूर्णा कलर की पुलिस हिरासत में मौत के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है। पुलिस महानिदेशक वाईबी खुरानिया ने डाबुगांव पुलिस स्टेशन के प्रभारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कर्तव्य में लापरवाही और घोर कदाचार के आरोपों के चलते की गई है। 29 अप्रैल को पूर्णा का शव डाबुगांव थाने के शौचालय में फंदे से लटका मिला था। प्रारंभ में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया, लेकिन मृतक के परिजनों ने इसे हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि पुलिस प्रताड़ना के कारण पूर्णा की मौत हुई। घटना के बाद आंचला गांव में ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राज्य मानवाधिकार आयोग ने भी मामले में संज्ञान लिया है और विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि पूर्णा पुलिस हिरासत में रहते हुए शौचालय तक अकेला कैसे पहुंचा।
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इस मामले से स्थानीय समुदाय में पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
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