कुमार विश्वास ने लेखक गांव में साहित्य और संस्कृति पर जोर दिया
देहरादून के लेखक गांव पहुंचे कुमार विश्वास, बोले- मोबाइल से ज्यादा किताबों को दें समय

Image: Jagran
प्रख्यात कवि डा. कुमार विश्वास ने देहरादून के लेखक गांव में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में कहा कि यह स्थान भारतीय साहित्य और संस्कृति का जीवंत केंद्र बन रहा है। उन्होंने युवाओं से मोबाइल के बजाय किताबों पर अधिक समय बिताने का आग्रह किया और सुमित्रानंदन पंत की साहित्यिक योगदान की सराहना की।
- 01डा. कुमार विश्वास ने कहा कि साहित्य के लिए हजार कविताएं पढ़ना आवश्यक है।
- 02उन्होंने युवाओं को मोबाइल स्क्रीन के समय को सीमित करने का सुझाव दिया।
- 03उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने सुमित्रानंदन पंत की रचनाओं में हिमालय की चेतना की चर्चा की।
- 04कार्यक्रम में पर्यावरणविद पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने साहित्य और प्रकृति के संबंध पर जोर दिया।
- 05गोष्ठी में कई गणमान्य लेखक, शिक्षाविद और छात्र उपस्थित रहे।
Advertisement
In-Article Ad
डा. कुमार विश्वास ने देहरादून के लेखक गांव में 'सुमित्रानंदन पंत साहित्य पर्यटन पथ' विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लिया। उन्होंने कहा कि लेखक गांव केवल एक भौगोलिक स्थान नहीं, बल्कि यह भारतीय साहित्य और संस्कृति का एक जीवंत केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे मोबाइल पर बिताए जाने वाले समय को सीमित करें और किताबों के साथ अधिक समय बिताएं। विश्वास ने कहा कि एक अच्छी कविता लिखने के लिए पहले हजार कविताएं पढ़नी चाहिए। पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने पंत की रचनाओं में हिमालय की चेतना और भारतीय संस्कृति की आत्मा को उजागर किया। कार्यक्रम में पर्यावरणविद पद्मश्री कल्याण सिंह रावत ने साहित्य और प्रकृति के गहरे संबंध पर जोर दिया। संगोष्ठी में कई प्रमुख लेखक और शिक्षाविद भी शामिल हुए, जिन्होंने पंत के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला।
Advertisement
In-Article Ad
इस कार्यक्रम से युवाओं को साहित्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि युवाओं को किताबों पर अधिक ध्यान देना चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।





