भारत को मिला 'मिथोस' AI मॉडल, 10 करोड़ लोगों के डेटा की सुरक्षा में मददगार
भारत के हाथ लगा दुनिया का सबसे एडवांस 'Mythos' AI मॉडल? 10 करोड़ लोगों का डेटा बचाने का ऐसे करेगी काम

Image: Jagran
भारत के कुछ सरकारी और निजी संगठनों को एंथ्रोपिक के उन्नत AI मॉडल 'मिथोस' तक पहुंच मिली है। यह मॉडल साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और सॉफ्टवेयर खामियों की पहचान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे 10 करोड़ लोगों का डेटा सुरक्षित रहेगा।
- 01एंथ्रोपिक के 'मिथोस' AI मॉडल का उद्देश्य साइबर सुरक्षा को मजबूत करना है।
- 02इस मॉडल के जरिए 10,000 से अधिक गंभीर सॉफ्टवेयर खामियों की पहचान की जा चुकी है।
- 03भारत के सरकारी और निजी क्षेत्रों के कुछ संगठनों को इस मॉडल तक पहुंच मिली है।
- 04प्रोजेक्ट ग्लासविंग के तहत यह मॉडल 15 से अधिक देशों में 150 संगठनों से जुड़ा है।
- 05मिथोस मॉडल के उपयोग से संगठनों को सुरक्षा खामियों का पता लगाने और सुधारने में मदद मिलेगी।
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भारत के कुछ सरकारी और निजी संगठनों को एंथ्रोपिक के उन्नत AI मॉडल 'मिथोस' तक पहुंच प्राप्त हुई है। यह सुविधा एंथ्रोपिक के 'प्रोजेक्ट ग्लासविंग' कार्यक्रम के तहत दी गई है, जिसका उद्देश्य महत्वपूर्ण डिजिटल प्रणालियों को साइबर हमलों से सुरक्षित करना है। मिथोस मॉडल सॉफ्टवेयर में सुरक्षा खामियों की पहचान करने और साइबर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस पहल के तहत अब तक 10,000 से अधिक गंभीर सॉफ्टवेयर खामियों की पहचान की जा चुकी है, जिससे 10 करोड़ से अधिक लोगों का डेटा सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। एंथ्रोपिक ने बताया कि इस मॉडल का उपयोग करने वाले संगठनों में बिजली, जल, स्वास्थ्य, संचार और हार्डवेयर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। हाल ही में, एंथ्रोपिक ने AI के तेज विकास को लेकर सावधानी बरतने की आवश्यकता पर भी जोर दिया है।
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मिथोस AI मॉडल के उपयोग से भारत में संगठनों को अपने डिजिटल ढांचे में सुरक्षा खामियों का पता लगाने और सुधारने में मदद मिलेगी, जिससे 10 करोड़ लोगों का डेटा सुरक्षित रहेगा।
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