भारत-अफ्रीका संबंधों पर एस जयशंकर का बयान: स्थिरता का संदेश
'अशांत दुनिया में स्थिरता का संदेश', भारत-अफ्रीका संबंधों पर बोले एस जयशंकर
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Image: Jagran
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जटिल भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत-अफ्रीका साझेदारी का महत्व बढ़ गया है। उन्होंने आगामी भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन के अवसर पर स्थिरता और विश्वसनीयता का संदेश देने की बात की।
- 01भारत-अफ्रीका साझेदारी का महत्व जटिल वैश्विक चुनौतियों के बीच बढ़ा है।
- 02आगामी भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन 28 से 31 मई तक होगा।
- 03भारत ने अफ्रीका में 17 नए मिशन खोलकर अपनी राजनयिक उपस्थिति बढ़ाई है।
- 04भारत और अफ्रीका के बीच संबंध सभ्यतागत और सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर आधारित हैं।
- 05जयशंकर ने अफ्रीका को भारत की विदेश नीति में महत्वपूर्ण स्थान दिया।
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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को कहा कि जब दुनिया जटिल भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है, तब भारत-अफ्रीका साझेदारी का विशेष महत्व है। उन्होंने आगामी भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन-4 के लोगो, थीम और वेबसाइट के लॉन्च के अवसर पर कहा कि यह साझेदारी एक अशांत और अनिश्चित दुनिया में स्थिरता और विश्वसनीयता का संदेश देगी। शिखर सम्मेलन 28 से 31 मई तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न अफ्रीकी देशों के राजदूत और राजनयिक भाग लेंगे। जयशंकर ने यह भी बताया कि भारत ने हाल के वर्षों में अफ्रीका में 17 नए मिशन खोलकर अपनी राजनयिक उपस्थिति का विस्तार किया है, जिससे अफ्रीका में भारतीय मिशनों की संख्या 46 हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-अफ्रीका संबंध सभ्यतागत संबंधों पर आधारित हैं, जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संबंधों के माध्यम से विकसित हुए हैं।
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भारत और अफ्रीका के बीच मजबूत संबंध विकास और स्थिरता को बढ़ावा देंगे, जो स्थानीय समुदायों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
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