रोहतक से दिल्ली और चेन्नई तक अंगों के ट्रांसप्लांट के लिए ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण
अंगों के ट्रांसप्लांट के लिए रोहतक से दिल्ली व चेन्नई तक बना ग्रीन कॉरिडोर, मौत के बाद भी कई लोगों को जिंदा कर गए युवक
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Image: Jagran
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रोहतक में 16 वर्षीय ब्रेनडेड किशोर के अंगों का सफलतापूर्वक दान किया गया। अंगों को समय पर विभिन्न शहरों में पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया, जिससे कई लोगों को नया जीवन मिला।
- 0116 वर्षीय किशोर के अंगों का सफलतापूर्वक दान किया गया।
- 02तीसरी बार ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया गया।
- 03किशोर का हृदय चेन्नई और लिवर दिल्ली भेजा गया।
- 04अंगदान की प्रक्रिया परिजनों की सहमति से शुरू हुई।
- 05यह कदम समाज में जागरूकता बढ़ाने का संकेत है।
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पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस), रोहतक में एक 16 वर्षीय ब्रेनडेड किशोर के अंगों का दान किया गया। यह घटना रविवार को हुई, जब ग्रीन कॉरिडोर का निर्माण किया गया ताकि अंगों को समय पर विभिन्न शहरों में पहुंचाया जा सके। किशोर को सड़क हादसे के बाद गंभीर अवस्था में ट्रामा सेंटर लाया गया था, जहां उसे 24 अप्रैल को ब्रेनडेड घोषित किया गया। उसके अंगों में हृदय को चेन्नई, लिवर को दिल्ली और एक किडनी को पंचकूला के कमांड आर्मी अस्पताल भेजा गया। इस घटना को लेकर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एचके अग्रवाल ने परिजनों के निर्णय की सराहना की और इसे कई जिंदगियों को नया जीवन देने वाला बताया। यह तीसरा अंगदान है जो एक माह के भीतर हुआ है, जो समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देता है।
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यह अंगदान कई लोगों को नया जीवन देने का अवसर प्रदान करता है और समाज में अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाता है।
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