हिमाचल प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन फर्जीवाड़े की जांच शुरू
Himachal News: वृद्धावस्था पेंशन फर्जीवाड़े में पंचायत सचिव की भूमिका पर संदेह, सीएम ने दिए जांच के आदेश
Amar Ujala
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हिमाचल प्रदेश के छौहारा विकास खंड की ग्राम पंचायत तांगणू-जांगलिख में वृद्धावस्था पेंशन से जुड़े फर्जीवाड़े की जांच शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ने मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें पंचायत सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
- 01पंचायत सचिव की भूमिका पर संदेह
- 02मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए
- 03पेंशन अनियमितताओं की जांच चल रही है
- 04दस्तावेजों में हेराफेरी की संभावना
- 05पुलिस में प्राथमिकी दर्ज होने की संभावना
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हिमाचल प्रदेश के छौहारा विकास खंड की ग्राम पंचायत तांगणू-जांगलिख में वृद्धावस्था पेंशन से जुड़े कथित अनियमितताओं की जांच शुरू हो गई है। पंचायत से जारी परिवार रजिस्टर की नकल और पेंशन की सिफारिश से जुड़े दस्तावेजों में अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। निदेशक ई-सोमसा, सुमित खिमटा ने जिला कल्याण अधिकारी को समय सीमा के भीतर जांच पूरी करने का आदेश दिया है। जांच में यह देखा जाएगा कि पेंशन स्वीकृति के लिए परिवार रजिस्टर की नकल किस आधार पर तैयार की गई और लाभार्थियों की पात्रता का सही सत्यापन हुआ या नहीं। यदि दस्तावेजों में हेराफेरी या नियमों की अनदेखी पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज होने की संभावना भी जताई जा रही है।
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इस जांच से वृद्धावस्था पेंशन के लाभार्थियों की वास्तविकता का पता चलेगा और यदि फर्जीवाड़ा साबित होता है, तो दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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